क्या पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर विवादित टिप्पणी करने वाले प्रोफेसर पर गिरी गाज?
सारांश
मुख्य बातें
छतरपुर, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत चंदन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत बागेश्वर धाम समिति की ओर से दर्ज कराई गई है।
प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो जारी करके दी। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने प्रोफेसर की ओर इशारा करते हुए कहा कि कुछ लोग साजिशन हमारी छवि को धूमिल करने की कोशिश में लगे हुए हैं। लेकिन, मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं कभी भी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे हिंदुओं को नीचा देखना पड़े। मैं हमेशा हिंदू, हिंदुस्तान और हिंदुत्व की सेवा करने के लिए काम करता रहूंगा।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने प्रोफेसर द्वारा लगाए गए आरोपों को 'साजिश' की उपज बताया और कहा कि वे कभी भी इस तरह की साजिशों को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि वह अपनी साजिश में सफल हो जाएगा, तो मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह उसकी गलतफहमी है। उसे अपनी गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए।
उन्होंने समाज में फैली कुप्रथा 'जातिवाद' का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसे हर हाल में खत्म करके रहेंगे। उनकी कोशिश है कि समाज में समानता स्थापित की जाए ताकि सनातन एकजुट हो सके। लेकिन, यह कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है।
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने जीवन का लक्ष्य बताते हुए यह प्रतिबद्धता जताई कि वह अंतिम क्षण तक हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान की सेवा करते रहेंगे और यह सेवा करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि वह किसी भी साजिश से नहीं डरते, चाहे वह कुछ भी हो जाए।
उन्होंने प्रोफेसर द्वारा लगाए गए आरोपों को ‘प्रारंभ’ बताते हुए कहा कि अभी तो आने वाले दिनों में लोग बहुत कुछ कहेंगे, लेकिन हमें किसी से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के आरोप आगामी पदयात्रा को लेकर लगाए जा रहे हैं।
बता दें कि एक वायरल वीडियो को साझा करते हुए प्रोफेसर रविकांत ने अपनी पोस्ट में विवादित टिप्पणी की थी, जिसके खिलाफ बाबा बागेश्वर धाम समिति ने एफआईआर दर्ज कराई है।