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दिल्ली धमाके के बाद पाकिस्तान की बेचैनी क्यों बढ़ी? ख्वाजा आसिफ ने भारत-अफगान को दी गीदड़भभकी

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दिल्ली धमाके के बाद पाकिस्तान की बेचैनी क्यों बढ़ी? ख्वाजा आसिफ ने भारत-अफगान को दी गीदड़भभकी

सारांश

दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी धमाके ने पाकिस्तान की बेचैनी को बढ़ा दिया है। ख्वाजा आसिफ की खोखली धमकियों के पीछे की असली वजह जानें और जानें कि भारत की प्रतिक्रिया का पाकिस्तान पर क्या असर हो सकता है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान का आतंकवाद के प्रति रवैया ख्वाजा आसिफ की खोखली धमकियां ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव टीटीपी की चुनौती भारत की मजबूत प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 13 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आतंकवाद को आश्रय देने वाला पाकिस्तान इस समय खुद चिंता में है। दिल्ली में हुए आतंकी धमाके के बाद इस्लामाबाद के कोर्ट परिसर में भी विस्फोट हुआ है। इस घटना को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री दोनों की बौखलाहट साफ देखी जा रही है।

इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है, बावजूद इसके दोनों नेताओं की घड़ी की सुई भारत पर अटक गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत और अफगानिस्तान को एक बार फिर से खोखली धमकी दी है।

ख्वाजा आसिफ ने कहा, "कल तक तो यह एक गैस सिलेंडर विस्फोट था। अब वे इसे विदेशी साजिश बताने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने खुलकर भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत कभी भी पाकिस्तान को आरोपित कर सकता है। साथ ही, उन्होंने खुली धमकी देते हुए कहा, "पाकिस्तान दो मोर्चों पर लड़ाई के लिए तैयार है। हम पूर्वी और पश्चिमी सीमा पर लड़ने के लिए तैयार हैं।"

पाकिस्तान की पूर्वी सीमा भारत से और पश्चिमी सीमा अफगानिस्तान से लगती है, जिसके संबंध में रक्षा मंत्री ने खोखली धमकी दी है।

हालांकि, पाकिस्तान की यह बेचैनी समझ में आने योग्य है। पहलगाम हमले के बाद, भारत के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। वहीं दिल्ली धमाके के बाद, पीएम मोदी ने भूटान से संदेश दिया कि जो भी दोषी है, उसे नहीं छोड़ा जाएगा।

इस स्थिति में पाकिस्तान को यह समझ में आ गया है कि भारत आगे क्या कदम उठा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर का जख्म पाकिस्तान अभी तक नहीं भुला पाया है, और यदि फिर से कोई हमला पाक धरती से हुआ तो उसका खैर नहीं होगा। इस पूरे माहौल में पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर का खौफनाक मंजर जरूर याद आया होगा।

अफगानिस्तान को लेकर, ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "काबुल के शासक पाकिस्तान में आतंकवाद को रोक सकते हैं, लेकिन इस युद्ध को इस्लामाबाद तक लाना काबुल से एक संदेश है, जिसका जवाब देने के लिए पाकिस्तान के पास पूरी ताकत है।"

पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान को गीदड़भभकी दे रहा है। वो आरोप लगा रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का उपयोग पाकिस्तान पर हमले के लिए किया जा रहा है।

हालांकि, टीटीपी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर बताया था कि वो पाकिस्तान में हैं। वीडियो में एक सदस्य ने पाकिस्तानी सेना और सरकार को क्रूर बताया और दावा किया कि उनमें मुजाहिदीन के खिलाफ युद्ध छेड़ने की क्षमता नहीं है।

टीटीपी सदस्यों ने यह भी दावा किया है कि वे पाकिस्तान के पंजाब में मौजूद हैं। यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को चुनौती देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान की स्थिति में अस्थिरता और आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति ने उसे कमजोर बना दिया है। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करने के लिए पाकिस्तान को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली धमाके के बाद पाकिस्तान क्यों परेशान है?
दिल्ली में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में नेताओं की बौखलाहट और घबराहट बढ़ गई है।
ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?
ख्वाजा आसिफ ने दिल्ली धमाके को लेकर खोखली धमकियां दी हैं और इसे विदेशी साजिश बताने की कोशिश की है।
पाकिस्तान का ऑपरेशन सिंदूर से क्या संबंध है?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को भारत की सैन्य शक्ति का अहसास हुआ है।
टीटीपी का वीडियो क्या दर्शाता है?
टीटीपी के वीडियो में पाकिस्तानी सेना और सरकार की क्षमताओं पर सवाल उठाए गए हैं।
भारत की प्रतिक्रिया क्या हो सकती है?
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह दोषियों को नहीं छोड़ेगा और उचित कार्रवाई करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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