क्या दहेज के लिए नवविवाहिता की जान ली गई? द्वारका में पिता का गंभीर आरोप

सारांश
Key Takeaways
- दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है।
- महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण आवश्यक है।
- समाज को इस बुराई के खिलाफ एकजुट होना होगा।
- पुलिस को इस तरह के मामलों में तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए।
- शिक्षा और जागरूकता ही समाधान है।
नई दिल्ली, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में एक नवविवाहिता के निधन का मामला सामने आया है। 22 वर्षीय कोमल उर्फ वर्षा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 16 अप्रैल को बाढू सराय निवासी अमन के साथ धूमधाम से उसकी शादी हुई थी।
कोमल के पिता दिनेश ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही अमन और उसके ससुराल वालों द्वारा दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मृतका के पिता ने कहा कि ससुराल पक्ष ने उनकी बेटी को दहेज के लिए अत्यधिक परेशान किया।
वर्षा ने पहले भी अपने पति और ससुराल वालों द्वारा की जाने वाली मारपीट और दहेज के लिए की जा रही मांग की शिकायत अपने पिता से की थी।
पुलिस ने मायके पक्ष की तहरीर के आधार पर दहेज उत्पीड़न और उससे संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उप-विभागीय मजिस्ट्रेट की मंजूरी के बाद मामले की जांच भी प्रारंभ कर दी गई है।
इस मामले में पुलिस द्वारा पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों के बयान लिए जा रहे हैं, ताकि मृतक के निधन के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमन के ताऊ ने वर्षा के पिता दिनेश को सूचित किया कि कोमल ने आत्महत्या कर ली है। जब परिवार बाढू सराय पहुंचा, तो कोमल को आरटीआरएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोमल के पिता ने पुलिस को बताया कि डेढ़ महीने पहले जब वे अपनी बेटी को मायके लाने गए थे, तो अमन और उसके परिजनों ने विरोध किया और उसे भेजने से मना कर दिया था। पुलिस ने कोमल के परिवार के बयान और एसडीएम की जांच के आधार पर जांच प्रारंभ कर दी है।
यह मामला हाल ही में ग्रेटर नोएडा में निक्की की दहेज हत्या से मिलता-जुलता है, जहां निक्की को कथित तौर पर उसके पति विपिन और ससुराल वालों ने मारपीट के बाद ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया था। उस मामले में भी पुलिस ने पति और उसके परिजनों को हिरासत में लिया था।