क्या बेंगलुरु में ईडी ने विंजो से जुड़े खातों में 192 करोड़ रुपए फ्रीज किए?

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क्या बेंगलुरु में ईडी ने विंजो से जुड़े खातों में 192 करोड़ रुपए फ्रीज किए?

सारांश

बेंगलुरु में प्रवर्तन निदेशालय ने विंजो प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की बड़ी कार्रवाई की है। 192 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज कर दी गई है। जानिए इस कार्रवाई के पीछे की कहानी और इसके गंभीर परिणाम क्या हो सकते हैं।

Key Takeaways

  • ईडी की कार्रवाई ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
  • विंजो प्राइवेट लिमिटेड के खातों में 192 करोड़ रुपए फ्रीज किए गए हैं।
  • कंपनी ने ग्राहकों को धोखाधड़ी से प्रभावित किया था।
  • जांच के दौरान गंभीर साक्ष्य सामने आए हैं।
  • यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में पारदर्शिता के लिए आवश्यक है।

बेंगलुरु, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने 30 दिसंबर को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 की धारा 17 के तहत ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित एक अकाउंटिंग फर्म के कार्यालय पर कार्रवाई की। विंजो प्राइवेट लिमिटेड अपने ऐप ‘विंजो’ के माध्यम से ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है। तलाशी के दौरान, ईडी ने मेसर्स विंजो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लगभग 192 करोड़ रुपए की अपराध की कमाई (पीओसी) को बैंक बैलेंस, एफडीआर और म्यूचुअल फंड के रूप में पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज कर दिया। यह विंजो प्राइवेट लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी है।

इससे पहले, ईडी ने 18 नवंबर को विंजो प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय और उसके निदेशक के निवास पर भी तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की थी। जांच में मिले साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ है कि कंपनी कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों और धोखाधड़ी में शामिल थी।

जांच के अनुसार, विंजो ऐप पर ग्राहकों को बिना सूचना दिए बीओटी, एआई, एल्गोरिदम, और सॉफ्टवेयर (जिन्हें पीपीपी, ईपी, और परसोना कहा जाता है) के साथ रियल मनी गेम खेलने के लिए बाध्य किया जाता था, जिससे उपयोगकर्ताओं को यह भ्रम होता था कि वे असली खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने ग्राहकों के वॉलेट से पैसे निकालने पर रोक और कड़े प्रतिबंध भी लगाए।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि विंजो ने बीओटी के माध्यम से असली खिलाड़ियों के साथ खेली गई प्रतियोगिताओं से ‘रेक कमीशन’ के रूप में अपराध की कमाई की। मई 2024 से अगस्त 2025 के बीच बीओटी के जरिए लगभग 177 करोड़ रुपए की कमाई, जबकि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 की अवधि में लगभग 557 करोड़ रुपए की कमाई हुई। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा रियल मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कंपनी के पास उपयोगकर्ताओं के लगभग 43 करोड़ रुपए मौजूद थे।

अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मेसर्स विंजो प्राइवेट लिमिटेड ने कुल मिलाकर लगभग 802 करोड़ रुपए की अपराध की कमाई (पीओसी) उत्पन्न की है।

ईडी ने यह भी पाया है कि पीओसी का एक हिस्सा विदेशी निवेश के नाम पर भारत से अमेरिका और सिंगापुर भेजा गया। लगभग 54 मिलियन अमेरिकी डॉलर अमेरिका स्थित एक बैंक खाते में भेजे गए हैं, जो ‘विंजो यूएस इंक’ के नाम पर है। ईडी के अनुसार, यह एक शेल कंपनी है, क्योंकि इसके सभी ऑपरेशन, नियमित व्यावसायिक गतिविधियां, और बैंक खातों का संचालन भारत से ही किया जाता है।

Point of View

क्योंकि यह ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में पारदर्शिता और वैधता की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने विंजो के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
ईडी ने विंजो प्राइवेट लिमिटेड के खातों में 192 करोड़ रुपए की राशि को फ्रीज किया है।
विंजो प्राइवेट लिमिटेड क्या है?
विंजो प्राइवेट लिमिटेड एक ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म है।
यह कार्रवाई कब हुई?
यह कार्रवाई 30 दिसंबर को हुई।
क्या विंजो पर कोई अन्य जांच चल रही है?
हाँ, ईडी ने पहले भी इस कंपनी के कार्यालय और निदेशक के आवास पर तलाशी ली थी।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
जांच के परिणामों के आधार पर कंपनी के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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