क्या अवैध सट्टेबाजी मामले में ईडी कर्नाटक के कांग्रेस विधायक से पूछताछ कर रहा है?

सारांश
Key Takeaways
- ईडी द्वारा कर्नाटक के विधायक के खिलाफ जांच चल रही है।
- वीरेंद्र ने विदेशी फर्जी कंपनियों के साथ लेन-देन किया।
- 12 करोड़ रुपये की नकद राशि और कीमती सामान जब्त किए गए।
- मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा है।
- राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से यह मामला महत्वपूर्ण है।
बेंगलुरु, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर्नाटक के कांग्रेस विधायक के.सी. वीरेंद्र, जिन्हें वीरेंद्र पप्पी के नाम से जाना जाता है, से पूछताछ कर रहा है। यह पूछताछ अवैध सट्टेबाजी से जुड़े एक मामले में की जा रही है। ईडी वीरेंद्र के विदेशी फर्जी कंपनियों और विदेशों में हुए संदिग्ध पैसों के लेन-देन से कथित संबंधों की जांच कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विधायक वीरेंद्र ने श्रीलंका, नेपाल और जॉर्जिया में स्थित कैसीनो और फर्जी कंपनियों के साथ लेन-देन किया था।
अधिकारियों को संदेह है कि साइबर ठगी से कमाई गई बड़ी रकम का पैसा, क्रेडिट कार्ड से भुगतान के माध्यम से काले धन को सफेद में बदलने का प्रयास किया जा रहा था।
ईडी के सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान उन्होंने इन गतिविधियों से संबंधित दस्तावेज और लेन-देन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की और उन पर नजर रखी।
सूत्रों ने यह भी बताया कि जांच में यह सामने आया है कि विधायक वीरेंद्र, तमिलनाडु के 'लॉटरी किंग' के नाम से प्रसिद्ध सैंटियागो मार्टिन से एक कैसीनो खरीदने के सौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में थे।
ईडी के अधिकारी बेंगलुरु के शांतिनगर इलाके में स्थित अपने कार्यालय में विधायक वीरेंद्र से पूछताछ कर रहे हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी में उनकी कथित भूमिका, अवैध पैसों के लेन-देन और देशभर में उनके घरों व संपत्तियों पर हुई छापेमारी के दौरान बरामद 12 करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात के बारे में सवाल किए जा रहे हैं।
हालांकि, इस मामले में ईडी की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बताया था कि कांग्रेस विधायक के.सी. वीरेंद्र को देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) रोकने वाले कानून, यानी पीएमएलए के तहत की गई है।
रविवार को वीरेंद्र को विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उन्हें 28 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
उन्हें सिक्किम के गंगटोक में गिरफ्तार किया गया था। वह वहां अपने साथियों के साथ मिलकर एक कैसीनो चलाने के लिए जमीन लीज पर लेने के काम से गए थे। ईडी ने बताया कि उनके अन्य साथी, भाई के.सी. थिप्पेस्वामी और पृथ्वी एन राज, दुबई से ऑनलाइन गेमिंग का काम देख रहे हैं।
ईडी के अधिकारियों ने वीरेंद्र के कर्नाटक के घर से 12 करोड़ रुपये नकद और कई कीमती सामान भी जब्त किए थे।