ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक इंडिया एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया का भव्य आयोजन, 5 हजार करोड़ के एमओयू साइन

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ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक इंडिया एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया का भव्य आयोजन, 5 हजार करोड़ के एमओयू साइन

सारांश

ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक इंडिया एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी कंपनियों ने भाग लिया। 5,000 करोड़ के एमओयू साइन हुए, जो नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।

Key Takeaways

  • इलेक्ट्रॉनिक इंडिया एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया का आयोजन 8 अप्रैल को हुआ।
  • इसमें 50 देशों की भागीदारी रही।
  • 5,000 करोड़ के एमओयू साइन हुए।
  • उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं।
  • कार्यक्रम ने भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने में मदद की।

ग्रेटर नोएडा, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में ‘इलेक्ट्रॉनिक इंडिया एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया’ कार्यक्रम का शानदार आयोजन हुआ, जिसमें देश-विदेश की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह आयोजन साउथ एशिया का सबसे बड़ा बी2बी इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड फेयर माना जाता है, जो भारत की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित कर रहा है।

इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में जर्मनी, चीन, अमेरिका, जापान और ताइवान सहित लगभग 50 देशों ने भाग लिया। इस आयोजन में 60,000 से अधिक विजिटर्स और 1,000 से ज्यादा एग्जीबिटर्स शामिल हुए, जिससे यह कार्यक्रम उद्योग जगत के लिए एक प्रमुख नेटवर्किंग और निवेश प्लेटफॉर्म बनकर उभरा।

कार्यक्रम के दौरान करीब 5,000 करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए गए, जो उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेंगे। साथ ही, वर्ष 2031 तक 150 बिलियन डॉलर के मैन्युफैक्चरिंग लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि राज्य का विकास ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जबकि 2017 से पहले स्थिति विपरीत थी। सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है और यूपी अब निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में इंडस्ट्रियल ग्रोथ, एक्सपोर्ट और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खासकर मोबाइल फोन के एक्सपोर्ट में 4000 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है और वर्तमान में करीब 2.40 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का निर्यात हो रहा है, जिसमें 50 प्रतिशत निर्यात अमेरिका को किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने उद्यमियों से अपील करते हुए कहा कि जो मैन्युफैक्चरिंग मशीनें अभी विदेशों से आयात की जाती हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में ही बनाया जाए, ताकि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिले।

उन्होंने ‘अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर सरकार केस-टू-केस आधार पर विशेष सहायता प्रदान करती है।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और जीएसडीपी के आंकड़ों के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था 31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

Point of View

और यह उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश अवसर है। उद्योगों का बढ़ता नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म इस क्षेत्र में नवाचार और विकास को प्रोत्साहित करेगा।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

इलेक्ट्रॉनिक इंडिया एंड प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया का आयोजन कब हुआ?
यह आयोजन 8 अप्रैल 2023 को ग्रेटर नोएडा में हुआ।
इस कार्यक्रम में कितने देशों ने भाग लिया?
इसमें लगभग 50 देशों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान कितने करोड़ के एमओयू साइन हुए?
कार्यक्रम के दौरान करीब 5,000 करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए गए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है और उद्योगों को विशेष सहायता प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को प्रदर्शित करना और नए निवेश अवसर उत्पन्न करना था।
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