अग्निमित्रा पॉल: पश्चिम बंगाल में टीएमसी का शासन अब आवश्यक नहीं
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी की साजिश: भाजपा नेताओं का दावा है कि टीएमसी मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।
- पार्टी योजनाएं: भाजपा ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है।
- महिलाओं का बदलाव: बंगाल की महिलाएं इस चुनाव में टीएमसी को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
कोलकाता, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी और अग्निमित्रा पॉल ने हुमायूं कबीर के एक कथित वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं।
लॉकेट चटर्जी ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि टीएमसी की साजिश चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हुमायूं कबीर कभी भाजपा के सदस्य नहीं रहे। हाल ही में ममता बनर्जी ने एआई के बारे में कुछ बातें कहीं थीं। व्यक्तिगत तौर पर मैं हुमायूं कबीर को नहीं जानती, और बाबरी मस्जिद का समर्थन हम कभी नहीं करते। लेकिन, टीएमसी ने मुस्लिम वोटों को एकजुट करने के लिए साजिश की है।
भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत तीन हजार रुपए दिए जाएंगे। मुद्रा योजना के तहत छोटे व्यवसायों में महिलाओं को सहायता दी जाएगी, जैसा कि केंद्र और राज्य सरकार ने बिहार में महिलाओं की आर्थिक मदद की है। विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत भी 10 हजार रुपए दिए जाएंगे। टीएमसी और भाजपा में यही मुख्य अंतर है। अब बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार की जरूरत नहीं है।
अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी इतना चिंतित क्यों हैं? यदि ममता बनर्जी को लगता है कि भाजपा उनकी घोषणाओं की नकल कर रही है, तो यह जनता पर निर्भर है। अगर ममता बनर्जी ने 15 सालों में अच्छा काम किया है, तो जनता आपको वोट देगी। अब बंगाल की जनता को निर्णय लेने दीजिए। ममता को पता है कि 15 सालों में कुछ नहीं किया।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि महिलाओं के लिए सम्मान और मां-बेटी की सुरक्षा अत्यंत महत्व रखती है। बंगाल की महिलाएं बदलाव की तैयारी कर चुकी हैं। टीएमसी को लगता है कि बंगाल की महिलाएं जागरूक नहीं हैं। लेकिन, इस चुनाव में महिलाएं टीएमसी को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं।
भाजपा नेता पवन सिंह ने कहा कि विधानसभा में सभी विधायकों के साथ वार्ता होती है। जरूरत पड़ने पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी प्रधानमंत्री से बात करती हैं। हुमायूं कबीर की बातों पर उन्होंने कहा कि कोई भी कुछ भी कह सकता है, लेकिन उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। भाजपा को बदनाम करने के लिए हुमायूं कबीर कुछ भी कहें, वह सत्य नहीं हो जाता।