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क्या पीएलआई स्कीम में इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग को 70 प्रतिशत से ज्यादा फंड मिला?

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क्या पीएलआई स्कीम में इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग को 70 प्रतिशत से ज्यादा फंड मिला?

सारांश

वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड स्कीम (पीएलआई) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग को 70 प्रतिशत से अधिक फंड आवंटित किया है। जानिए इस योजना के प्रभाव और भविष्य की संभावनाएँ।

मुख्य बातें

पीएलआई स्कीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग को 70 प्रतिशत से अधिक फंड दिया।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निर्यात में 32.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
फार्मा निर्यात 30.5 अरब डॉलर तक पहुँच गया।

नई दिल्ली, 13 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड स्कीम (पीएलआई) के लिए जारी किए गए कुल फंड में से 70 प्रतिशत का हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग को प्राप्त हुआ है। यह जानकारी आधिकारिक डेटा में प्रस्तुत की गई है।

इस डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान योजना के तहत जारी किए गए 10,114 करोड़ रुपए में से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को 5,732 करोड़ रुपए मिले, जबकि फार्मा क्षेत्र को 2,328 करोड़ रुपए मिले।

2021 में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पीएलआई योजना को प्रारंभ में 14 महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए लागू किया गया था।

इस योजना ने देश के औद्योगिक आधार और उच्च मूल्य वाले निर्यात को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसकी सफलता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से उजागर होती है।

विनिर्माण क्षेत्र में मजबूती के चलते, इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत की शीर्ष तीन निर्यात श्रेणियों में शामिल हो गया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र ने 2024-25 में 32.46 प्रतिशत की उल्लेखनीय निर्यात वृद्धि दर्ज की, जिससे शिपमेंट 2023-24 में 29.12 अरब डॉलर से बढ़कर पिछले वित्तीय वर्ष में 38.58 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2021-22 में 15.7 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 2022-23 में 23.6 अरब डॉलर था।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आकर्षण कंप्यूटर हार्डवेयर और पेरिफेरल्स थे, जिनमें 101 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि देखी गई और निर्यात वित्त वर्ष 2025 में 0.7 अरब डॉलर से दोगुना होकर 1.4 अरब डॉलर हो गया।

संयुक्त अरब अमीरात, संयुक्त राज्य अमेरिका, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम और इटली भारतीय इलेक्ट्रॉनिक सामानों के प्रमुख गंतव्यों में शामिल रहे हैं।

पिछले वित्त वर्ष में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में भी मजबूती बनी रही। भारत की दवाइयाँ और फार्मास्यूटिकल उत्पाद अब 200 से अधिक देशों तक पहुँच चुके हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 में फार्मा निर्यात लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 30.5 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जो कि स्वास्थ्य सेवा और औषधि क्षेत्र में देश की वैश्विक उपस्थिति को दर्शाता है।

नए आंकड़े भारत की विनिर्माण और निर्यात की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में पीएलआई योजना के बढ़ते प्रभाव की ओर इंगित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पीएलआई योजना ने भारत की विनिर्माण क्षमता को नई दिशा दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों में निवेश से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएलआई स्कीम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
पीएलआई स्कीम का मुख्य उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और उच्च मूल्य वाले निर्यात को बढ़ाना है।
इस योजना के तहत कितनी राशि आवंटित की गई है?
वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत कुल 10,114 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निर्यात वृद्धि कितनी है?
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 2024-25 में 32.46 प्रतिशत की निर्यात वृद्धि दर्ज की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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