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क्या एसआईटी की टीम ने महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया से बातचीत की?

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क्या एसआईटी की टीम ने महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया से बातचीत की?

सारांश

फरीदाबाद में एसआईटी ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया से पूछताछ की। प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ की गई शिकायत ने इस मामले को और भी जटिल बना दिया है। जानिए क्या है इस मामले के पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में एसआईटी की जांच चल रही है।
प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई।

फरीदाबाद, 2 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर का संचालन किया और पाकिस्तान तथा पीओके के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। भारत के इस हमले के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का समर्थन किया और हिंदुस्तान में नापाक हमला करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के ड्रोन को आसमान में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच फोन कॉल के बाद युद्धविराम लागू हो गया। इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी सुर्खियों में हैं। अब कर्नल सोफिया पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में गठित एसआईटी टीम ने अपनी जांच तेज कर दी है।

हरियाणा के अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन करने के आदेश दिए। आईपीएस ममता सिंह की अगुवाई में बनी एसआईटी टीम फरीदाबाद पहुंची और महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया से पूछताछ की। आईपीएस ममता सिंह, आईपीएस गंगाराम पूनिया और आईपीएस विक्रांत भूषण ने रेनू भाटिया से सवाल-जवाब किए। रेनू भाटिया ने पहले प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।

जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ बयान देने के लिए प्रो. अली खान महमूदाबाद को स्थानीय अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद प्रोफेसर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई।

प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर देश के सशस्त्र बलों के खिलाफ पोस्ट किया और कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाइयों के बारे में जानकारी दी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना आवश्यक है कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सार्वजनिक व्यक्तित्व की जिम्मेदारी होती है। कर्नल सोफिया कुरैशी की भूमिका को नकारना या उन पर विवादित टिप्पणियाँ करना न केवल उनके पेशेवर सम्मान को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह देश की एकता और अखंडता पर भी असर डालता है। हर नागरिक को अपने शब्दों और कार्यों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एसआईटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया?
हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ शिकायत के बाद एसआईटी का गठन किया।
कर्नल सोफिया कुरैशी का ऑपरेशन सिंदूर में क्या योगदान था?
कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल रहीं।
रेनू भाटिया ने किसके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी?
रेनू भाटिया ने प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी।
राष्ट्र प्रेस
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