26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए बेताब थीं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए बेताब थीं?

सारांश

फर्रुखाबाद में भाई दूज के अवसर पर बहनों की भीड़ रोडवेज बस स्टैंड पर उमड़ पड़ी। सबकी खुशी का कारण अपने भाइयों से मिलना था। प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की। लेकिन क्या यह भीड़ प्रशासन के लिए चुनौती बन गई?

मुख्य बातें

भाई दूज पर बहनों का अपने भाइयों से मिलने का उत्साह स्पष्ट था।
भाई दूज के पर्व पर तिलक और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
भाई दूज पर भीड़ के चलते प्रशासन ने अतिरिक्त बसें चलाईं।
यात्रियों को अवधि तक इंतज़ार करना पड़ा।
पूर्ण उल्लास के साथ बहनें अपने भाइयों के घर पहुंचने की कोशिश में थीं।

फर्रुखाबाद, 23 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के कादरीगेट थाना क्षेत्र में स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर भाई दूज के अवसर पर गुरुवार को बहनों की एक बड़ी भीड़ नज़र आई। चारों ओर बसों का इंतज़ार करती बहनें दिखी, जिनके चेहरों पर अपने भाइयों से मिलने की खुशी साफ झलक रही थी।

इस पावन पर्व पर बहनों ने कहा कि वे खुशी के साथ अपने भाइयों के घर जा रही हैं ताकि उनके माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर सकें।

हालांकि, इस भीड़ के कारण रोडवेज बस स्टैंड पर व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई।

रोडवेज प्रशासन ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। रोडवेज की बसें हरदोई, शाहजहांपुर, आगरा, एटा, इटावा, मैनपुरी, कानपुर, कन्नौज, बदायूं, बरेली और दिल्ली के लिए लगातार चलाई जा रही हैं। इसके बावजूद, बसों की भारी मांग के कारण यात्रियों को कुछ समय इंतज़ार करना पड़ रहा है।

हरदोई जाने वाली एक महिला, शीला, ने बताया कि वह लगभग दो घंटे से बस स्टैंड पर बैठी हैं, लेकिन अभी तक हरदोई के लिए बस नहीं मिली है। वहीं, एक युवक गौरव सिंह ने बताया कि वह भी आधे घंटे से बस का इंतज़ार कर रहा है, लेकिन बस अभी तक नहीं आई है।

रोडवेज बस स्टेशन के इंचार्ज ने कहा कि सुबह से लेकर दोपहर तक लगभग 200 बसें विभिन्न रूटों पर भेजी जा चुकी हैं। सिर्फ हरदोई रूट पर ही लगभग 50 बसें भेजी गई हैं, लेकिन बहनों और यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि बसें लगातार भर जा रही हैं।

बस स्टैंड पर बहनों की भीड़ के बावजूद माहौल में उल्लास था। सभी के मन में अपने भाई के घर पहुंचने की उत्सुकता थी। वहीं, रोडवेज कर्मी लगातार यात्रियों को बसों में बैठाने और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है। इस अवसर पर जो खुशी और उत्साह देखा गया, वह हमें यह बताता है कि यह पारंपरिक पर्व आज भी हमारे समाज में अपनी जगह बनाए हुए है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई दूज पर क्यों बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए बेताब होती हैं?
भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों से मिलने की खुशी और उनके लिए लंबी उम्र की कामना करती हैं।
क्या रोडवेज बस स्टैंड पर व्यवस्था ठीक थी?
भीड़ के कारण व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रशासन ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की।
कितनी बसें इस दिन भेजी गईं?
सुबह से लेकर दोपहर तक लगभग 200 बसें विभिन्न रूटों पर भेजी गईं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले