31 जुलाई 2026
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क्या फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत ने बायोडीजल रिफाइनरी में आग लगने के बाद किया निरीक्षण?

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क्या फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत ने बायोडीजल रिफाइनरी में आग लगने के बाद किया निरीक्षण?

सारांश

फर्रुखाबाद की बायोडीजल रिफाइनरी में आग लगने की घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है। सांसद मुकेश राजपूत ने स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया। जानिए इस घटना के पीछे के कारण और सांसद की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

फर्रुखाबाद की बायोडीजल रिफाइनरी में आग लगने से करोड़ों का नुकसान हुआ।
सांसद मुकेश राजपूत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
आग बुझाने में 3 घंटे लगे और कई सिलेंडर भी विस्फोटित हुए।
फैक्ट्री में प्रतिदिन 30,000 लीटर डीजल का उत्पादन होता था।
घटना की जांच चल रही है।

फर्रुखाबाद, 19 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र में स्थित बायोडीजल रिफाइनरी में शनिवार रात को एक भीषण आग लग गई। यह घटना ग्राम शादिकपुर में हुई, जिसके परिणामस्वरूप सांसद मुकेश राजपूत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

संदिग्ध परिस्थितियों में लगी इस आग से करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने लगभग 3 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान कई सिलेंडर भी विस्फोटित हुए। रविवार को वहां लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई, जबकि फैक्ट्री का गेट बंद रहा और वहां से बदबू आ रही थी।

जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम 6:30 बजे बायोडीजल फैक्ट्री में आग लग गई थी, जहां दमकल और सेना की टीम ने आग बुझाने का कार्य किया। करीब 18 टैंकरों के पानी का इस्तेमाल किया गया। इस घटना के दौरान दिल्ली-फर्रुखाबाद मार्ग भी बंद रहा। आग बुझने के बाद ही आवागमन शुरू हो सका। रविवार की सुबह आस-पास के लोग इस घटना को देखने पहुंचे, लेकिन फैक्ट्री के गेट पर ताला लगा रहा।

बाद में सांसद मुकेश राजपूत ने फैक्ट्री का दौरा किया। उन्होंने पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेश गुप्ता और आर्थिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक जितेंद्र सिंह के साथ मिलकर फैक्ट्री के मालिक से जानकारी ली। उन्होंने फैक्ट्री के अंदर जाकर भी स्थिति का मुआयना किया और आग लगने के कारणों तथा नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सांसद ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि यहां धन की हानि हुई है, जबकि फैक्ट्री मालिक ने सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। प्रतिदिन यहाँ 30,000 लीटर डीजल का उत्पादन होता था, जो इंडियन ऑयल कंपनी को भेजा जाता था। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत शुरू की गई थी। नुकसान के बारे में जब पूछा गया तो सांसद ने कहा कि नुकसान का सही आकलन विशेषज्ञ ही कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो आत्मनिर्भरता के प्रयासों को चुनौती देता है। स्थानीय प्रशासन और सांसद को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्रुखाबाद की बायोडीजल रिफाइनरी में आग कैसे लगी?
आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और इसकी जांच की जा रही है।
आग बुझाने में कितना समय लगा?
आग बुझाने में लगभग 3 घंटे लगे।
इस आग से कितना नुकसान हुआ है?
नुकसान की सही मात्रा का आकलन विशेषज्ञ करेंगे।
क्या सभी श्रमिक सुरक्षित हैं?
हां, फैक्ट्री मालिक ने सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
सांसद मुकेश राजपूत ने क्या कहा?
उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि धन हानि हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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