27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फरसा वाले बाबा की मृत्यु के बाद पुलिस पर हमला: 15 आरोपी गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फरसा वाले बाबा की मृत्यु के बाद पुलिस पर हमला: 15 आरोपी गिरफ्तार

सारांश

मथुरा में 'फरसा वाले बाबा' चंद्रशेखर की सड़क दुर्घटना के बाद समर्थकों ने हाईवे जाम कर दिया। पुलिस पर फायरिंग और पथराव के चलते 15 आरोपी गिरफ्तार किए गए। जानें पूरी घटना की विस्तृत जानकारी।

मुख्य बातें

मथुरा में 'फरसा वाले बाबा' की मृत्यु के बाद उपद्रव हुआ।
पुलिस ने 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
घटना से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
पुलिस की कार्रवाई में देरी नहीं हुई।
जनता से कानून का पालन करने की अपील की गई है।

मथुरा, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छाता थाना पुलिस ने 'फरसा वाले बाबा' चंद्रशेखर की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के बाद उत्पन्न उपद्रव में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जानकारी दी कि 21 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे, कोसीकलां थाना क्षेत्र के आजनौख गौशाला निवासी चंद्रशेखर (उम्र लगभग 58 वर्ष) की एनएच-19 पर दुखद दुर्घटना में मौत हुई।

मथुरा पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस मामले में एक प्रेस नोट जारी किया। इसमें बताया गया कि चंद्रशेखर की मृत्यु के बाद उनके समर्थकों ने शव को हाईवे पर रखकर एनएच-19 को जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। इस दौरान, गोरक्षकों, प्रशासन, और पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया। भीड़ ने पुलिस पर फायरिंग एवं पथराव किया तथा पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और आम जनता को कठिनाई का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि 15वें आरोपी संदीप बाबू को 22 मार्च को दोपहर 3:05 बजे शेरगढ़ तिराहा से पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपियों में गौरव उर्फ भूरा (24 वर्ष), नरेश (30 वर्ष), हिमांशु (24 वर्ष), पवन (24 वर्ष), कपिल (27 वर्ष), धर्मेंद्र (18 वर्ष), विष्णु (18 वर्ष), अनुज (18 वर्ष), शनि (20 वर्ष), केशव (18 वर्ष), अरुण (18 वर्ष), अमन (24 वर्ष), सुभाष (28 वर्ष) और संदीप बाबू (22 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी बरसाना, छाता, पलवल (हरियाणा), शेरगढ़ आदि के निवासी हैं।

घटनास्थल से 15 मोटरसाइकिलें, ईंट-पत्थर के टुकड़े, चप्पलें, टूटे लाठी-डंडे, 5 खोखा कारतूस 315 बोर और 2 खोखा कारतूस 312 बोर बरामद हुए। थाना छाता पर मुकदमा संख्या 143/2026 धारा 109(1)/190/191(2)/191(3)/352/351(2)/195/132/324(4) बीएनएस, 7 सीएलए एक्ट, 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और धारा 67 आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। एक अन्य मुकदमा 142/2026 भी दर्ज है। अभियुक्त अमन का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है (मुकदमा 513/2020 धारा 323/332/353/504/506 भादवि, थाना गोवर्धन)।

पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रेस नोट में पुलिस ने इन लोगों को 'विधर्मी अभियुक्तगण' और 'उपद्रवी तत्व' करार दिया है, जो हाईवे को जाम कर जनता को परेशान कर रहे थे। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून का पालन करने की अपील की है।

यह घटना 21 मार्च की तड़के घने कोहरे में हुई दुर्घटना से संबंधित है, जहां फरसा वाले बाबा (चंद्रशेखर) ने संदिग्ध वाहन को रोका था, लेकिन पीछे से आए ट्रक ने उसे टक्कर मार दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्थिति की गंभीरता ने इसे और भी जटिल बना दिया। ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो जन सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरसा वाले बाबा कौन थे?
फरसा वाले बाबा, जिनका असली नाम चंद्रशेखर था, एक स्थानीय धार्मिक व्यक्ति थे जिनकी हाल ही में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
इस घटना में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
इस घटना में कुल 15 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की?
हाँ, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए हैं।
घटना के दौरान क्या हुआ?
घटना के दौरान समर्थकों ने हाईवे को जाम कर दिया और पुलिस पर फायरिंग एवं पथराव किया।
क्या इस घटना में कोई घायल हुआ?
हालांकि मुख्य रूप से आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन पुलिस और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले