मथुरा विवाद: फरसा वाले बाबा की मौत के बाद 300 पर मामला दर्ज, 14 लोग गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- मथुरा में विवाद के चलते 300 पर मामला दर्ज किया गया है।
- 14 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
- बाहरी तत्वों ने स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की।
- सोशल मीडिया पर जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।
- सुरक्षा के लिए सेक्टर स्कीम लागू की गई है।
मथुरा, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक विवाद के बाद 22 नामजद और 300 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव, लाठी-डंडों से हमले और अवैध हथियारों के इस्तेमाल से फायरिंग के आरोप में यह मुकदमा दर्ज किया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अब तक 14 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कई टीमें उनकी लोकेशन का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि बाहरी तत्वों ने स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की थी। उन्होंने अफवाहें फैलाने का कार्य किया, जिनकी पहचान की जा रही है ताकि उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
एसएसपी श्लोक कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कोसीकलां क्षेत्र में चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा ने एक वाहन को रोका था। यह वाहन नागालैंड का एक कैंटर था। उन्हें संदेह था कि कैंटर में गोवंश है। जैसे ही वे कैंटर की जांच के लिए लौटे, कोहरे के कारण एक अन्य ट्रक आकर टकरा गया। इस घटना में फरसा वाले बाबा घायल हुए और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।" ट्रक चालक जो राजस्थान के अलवर का निवासी था, वह भी इस घटना में घायल हुआ था और इलाज के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।
एसएसपी ने बताया कि ट्रक में तार लदे हुए थे जबकि कैंटर में किराने का सामान था। घटना के समय बाबा के साथ मौजूद उनके सहयोगी ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर कोसीकलां थाने में एक्सीडेंट का मामला दर्ज किया गया।
मथुरा के एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि "कोई भी जानकारी बिना तथ्यों या पुष्टि के सोशल मीडिया पर साझा न करें। केवल प्रमाणित तथ्यों के आधार पर ही जानकारी साझा करें।" उन्होंने बताया कि एहतियात के लिए क्षेत्र में सेक्टर स्कीम लागू कर दी गई है, जिसमें मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर रहे हैं।