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गौ रक्षक की मौत के बाद हाइवे बाधित करने और हिंसा में 15 लोग गिरफ्तार

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गौ रक्षक की मौत के बाद हाइवे बाधित करने और हिंसा में 15 लोग गिरफ्तार

सारांश

मथुरा में एक गौ रक्षक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद हिंसक प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को अवरुद्ध करने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया। जानें विस्तार से इस घटना के बारे में।

मुख्य बातें

गौ रक्षक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई।
हिंसक प्रदर्शन के बाद 15 लोग गिरफ्तार किए गए।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने में तेजी दिखाई।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।
प्रदर्शन के दौरान कई वस्तुएं बरामद की गईं।

मथुरा, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की छाता पुलिस ने एक सड़क दुर्घटना में एक गौ रक्षक की मृत्यु के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को रोकने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप में 15 संदिग्ध उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 21 मार्च को सुबह लगभग 11:30 बजे घटी, जब बरसाना पुलिस स्टेशन के अंतर्गत अजनोझ गांव के निवासी 58 वर्षीय चंद्रशेखर (फरसा वाले बाबा) की कोसी कलां क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

दुर्घटना के तुरंत बाद इकट्ठा हुए लोगों ने छाता के पास एनएच-19 पर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बुरी तरह बाधित हो गया। विरोध प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया क्योंकि भीड़ ने कथित तौर पर गोलीबारी की, पुलिसकर्मियों और गौ रक्षक समूहों के सदस्यों पर पत्थर फेंके, और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति तेजी से बिगड़ी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और यात्रियों को भारी असुविधा हुई। स्थिति को नियंत्रित करने और राजमार्ग को खाली कराने के लिए अतिरिक्त बल मौके पर भेजे गए।

छाता पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक समन्वित अभियान चलाया और हिंसा में शामिल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारियां रविवार को शेरगढ़ तिराहा इलाके से की गईं।

अभियान के दौरान, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई कई वस्तुएं बरामद कीं, जिनमें लाठी, ईंटें, पत्थर और .315 और .312 बोर के अवैध देसी कारतूस शामिल हैं।

छाता पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ दंगा, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने और शिकायतों का कानूनी तरीके से समाधान करने की अपील दोहराई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि समाज में असंतोष का स्तर कितना बढ़ गया है। हमें इस स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौ रक्षक की मृत्यु कैसे हुई?
गौ रक्षक चंद्रशेखर की मृत्यु एक सड़क दुर्घटना में हुई।
हिंसा में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
इस हिंसा में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया?
हाँ, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल भेजा।
क्या आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई?
हाँ, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या अधिकारियों ने जनता से कोई अपील की है?
हाँ, अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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