मथुरा में फरसा वाले बाबा की मृत्यु: वीएचपी अध्यक्ष ने पुलिस में की शिकायत
सारांश
Key Takeaways
- फरसा वाले बाबा की मृत्यु के बाद मथुरा में साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा है।
- वीएचपी अध्यक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
- पुलिस ने १४ लोगों को गिरफ्तार किया है।
- घटनास्थल पर पथराव के कारण पुलिस टीम को नुकसान हुआ।
- अज्ञात विधर्मी और गौतस्करों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
मथुरा, २२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौरक्षक चंद्रशेखर, जिसे फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता है, की मृत्यु के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रांतीय अध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अज्ञात विधर्मी और गौतस्करों पर उपद्रव फैलाने का आरोप लगाया है।
कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वह कोसी अध्यक्ष रणवीर सिंह और महानगर मंत्री नितिन चौधरी के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। वहां उपस्थित सभी लोग धरना समाप्त करने के लिए तैयार थे, लेकिन विधर्मी और गौतस्करों के समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया।
उन्होंने मथुरा के छाता पुलिस थाने में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 131 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है।
शनिवार को मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र में चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत के बाद हंगामा शुरू हुआ। इस दौरान पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिससे कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
इस विवाद में अब तक २२ नामजद और ३०० अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव, लाठी-डंडों से हमला और अवैध हथियारों से फायरिंग के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने १४ लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि बाहरी तत्वों ने माहौल को खराब करने की कोशिश की थी और उन्होंने ही अफवाहें फैलाईं।
एसएसपी ने बताया कि कोसीकलां क्षेत्र में चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा ने एक वाहन को रोका था, जो नागालैंड नंबर का कैंटर था। उन्हें उस कैंटर में गोवंश की आशंका थी। जब वह कैंटर की जांच के लिए पीछे लौटे, तभी कोहरे के कारण एक अन्य ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। इस घटना में फरसा वाले बाबा घायल हुए और कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।