क्या फतेहपुर के मकबरे में तोड़फोड़ के मामले में यूपी पुलिस सख्त होगी?
सारांश
मुख्य बातें
फतेहपुर, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश पुलिस ने फतेहपुर के मकबरा स्थल पर अवैध घुसपैठ और तोड़फोड़ के मामले में सख्त कदम उठाया है। पुलिस ने इस घटना में संलिप्त 10 नामजद और 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में मामला दर्ज किया है।
फतेहपुर पुलिस ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने बताया कि विवादास्पद मकबरा स्थल पर घुसने और तोड़फोड़ करने वाले 10 नामजद और 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही अभियुक्तों को गिरफ्तार कर विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी।
यूपी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, धारा 191(2), धारा 191(3), धारा 301, धारा 196, आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932: धारा 7, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984: धारा 2 और धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है।
एफआईआर के अनुसार, 11 अगस्त 2025 को सुबह करीब 11 बजे, मंगी मकबरा पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात था। इस दौरान मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति ने मकबरे को मंदिर बताते हुए पूजा-दर्शन के लिए जुलूस निकालने का ऐलान किया था। जुलूस में शामिल अभिषेक शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह, आशीष त्रिवेदी, पप्पू सिंह चौहान, प्रशून तिवारी, रितिक पाल, विनय तिवारी (सभासद), पुष्पराज पटेल, अजय सिंह उर्फ रिंकू लोहारी, और देवनाथ धाकड़े सहित लगभग 150 अज्ञात लोगों ने लाठी, डंडे और झंडे लेकर मकबरे की बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और मकबरे के अंदर बनी मजारों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना से स्थानीय मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही फतेहपुर पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी बल तैनात है।