13 अगस्त 2026
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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ इंदौर में एफआईआर की माँग, नाबालिग को चोट का आरोप

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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ इंदौर में एफआईआर की माँग, नाबालिग को चोट का आरोप

सारांश

इंदौर में एक शिकायत दर्ज हुई है जिसमें CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ POCSO के तहत एफआईआर की माँग की गई है। आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली में नीट विरोध के दौरान लाठीचार्ज में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की घायल हुई। पुलिस ने जाँच के बाद कार्रवाई का संकेत दिया है।

मुख्य बातें

इंदौर पुलिस को फैजान अंसारी की शिकायत मिली, जिसमें CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ एफआईआर की माँग की गई है।
आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट विरोध में लाठीचार्ज के दौरान एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के संवेदनशील अंगों में चोट पहुँची।
शिकायत में POCSO अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दिया गया है।
अतिरिक्त डीसीपी राजेश डंडोत्या ने शिकायत की पुष्टि की; आगे की कार्रवाई जाँच पर निर्भर।
यह मामला नीट पेपर लीक के खिलाफ देशव्यापी छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

इंदौर पुलिस को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की माँग की गई है। यह शिकायत 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस के कथित लाठीचार्ज में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के घायल होने से जुड़ी है।

शिकायत का विवरण

फैजान अंसारी नामक व्यक्ति ने इंदौर पुलिस के समक्ष यह शिकायत दर्ज कराई और इस संदर्भ में अपना बयान भी दर्ज कराया। अंसारी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान उक्त नाबालिग लड़की के संवेदनशील अंगों में चोट पहुँची। उन्होंने दिपके और अन्य सदस्यों के खिलाफ 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज' (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए एफआईआर की माँग की है।

पुलिस अधिकारी का बयान

अतिरिक्त डीसीपी राजेश डंडोत्या ने इस शिकायत की पुष्टि करते हुए कहा, 'फैजान अंसारी नाम के एक व्यक्ति इस मामले में आए थे। उन्होंने एक शिकायत दर्ज कराई और विरोध प्रदर्शन के बारे में बयान दिया। उनके बयान के आधार पर एक अर्जी दी गई।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई शिकायत की जाँच और मामले में उपलब्ध अन्य सामग्री के आधार पर तय होगी।

शिकायतकर्ता का पक्ष

अंसारी ने कहा, 'विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग, जिनमें लड़कियाँ भी शामिल थीं, मौजूद थे। 20 जुलाई को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आयोजित किया था। लाठीचार्ज के दौरान एक 12 साल की लड़की के संवेदनशील अंगों में चोट लग गई।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि POCSO अधिनियम के अंतर्गत किसी भी स्थान पर हुए अपराध की शिकायत कहीं भी दर्ज कराई जा सकती है — इसी आधार पर उन्होंने इंदौर में यह शिकायत दी है।

पृष्ठभूमि: नीट विरोध और लाठीचार्ज

यह शिकायत उस व्यापक विरोध आंदोलन से जुड़ी है, जो नीट पेपर लीक मामले के बाद देशभर में उठा था। दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों और समर्थकों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के आरोप लगे, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर विवाद खड़ा हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र समुदाय आक्रोशित है।

आगे क्या होगा

इंदौर पुलिस ने संकेत दिया है कि शिकायत और संबंधित सामग्री की जाँच के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है, क्योंकि इसमें नाबालिग की सुरक्षा, नागरिक समाज संगठन की भूमिका और पुलिस बल प्रयोग — तीनों पहलू एक साथ उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस का लाठीचार्ज स्वयं सवालों के घेरे में है। POCSO का हवाला देकर इंदौर में शिकायत दर्ज कराना कानूनी रूप से दिलचस्प है — अधिनियम की धारा 19 किसी को भी, कहीं भी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार देती है। लेकिन इस प्रक्रिया का उपयोग विरोध के आयोजकों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है या यह वास्तविक न्याय की माँग है — यह जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल छोड़ देती है कि नाबालिग के घायल होने की प्राथमिक जिम्मेदारी — लाठीचार्ज करने वाली पुलिस की — उतनी ही जाँच के दायरे में क्यों नहीं है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में CJP संस्थापक के खिलाफ क्या शिकायत दर्ज की गई है?
इंदौर पुलिस को फैजान अंसारी की शिकायत मिली है, जिसमें CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य सदस्यों के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की माँग की गई है। आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली में नीट विरोध के दौरान लाठीचार्ज में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के संवेदनशील अंगों में चोट पहुँची।
यह विरोध प्रदर्शन कब और कहाँ हुआ था?
यह प्रदर्शन 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ था, जो नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित किया गया था। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके पर इस प्रदर्शन के आयोजन का आरोप है।
इंदौर में शिकायत क्यों दर्ज की गई, जबकि घटना दिल्ली में हुई?
शिकायतकर्ता फैजान अंसारी ने POCSO अधिनियम का हवाला दिया, जिसके तहत किसी भी स्थान पर हुए अपराध की शिकायत देश में कहीं भी दर्ज कराई जा सकती है। इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर उन्होंने इंदौर में यह शिकायत दी।
इंदौर पुलिस इस मामले में आगे क्या करेगी?
अतिरिक्त डीसीपी राजेश डंडोत्या ने कहा है कि आगे की कार्रवाई शिकायत की जाँच और मामले में सौंपी गई अन्य सामग्री पर निर्भर करेगी। फिलहाल शिकायत और बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
नीट पेपर लीक विरोध के दौरान लाठीचार्ज का मामला क्या है?
20 जुलाई को दिल्ली में नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर विवाद खड़ा हुआ और अब नाबालिग के घायल होने को लेकर कानूनी शिकायत सामने आई है।
राष्ट्र प्रेस
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