BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का कोलकाता दौरा: विकास, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 27 सितंबर 2026 को दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर कोलकाता पहुँचे, जहाँ उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रिपरिषद, प्रदेश पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ विकास, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। कोलकाता हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ उनका स्वागत किया।
मन की बात के साथ दौरे की शुरुआत
नितिन नवीन ने अपने दौरे की शुरुआत न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 138वें एपिसोड को सामूहिक रूप से सुनकर की। इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने 2016 के ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को याद किया।
प्रधानमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं को नशे से मुक्त रखने और जनगणना में नागरिकों की भागीदारी को राष्ट्रीय दायित्व के रूप में रेखांकित किया। इस अवसर पर 'मन की बात' द्वारा सामूहिक प्रयासों और सकारात्मक सामाजिक बदलावों को सामने लाने की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
मेगा संगठनात्मक बैठक और पार्टी-सरकार समन्वय
इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, विभागीय संयोजकों, मोर्चा अध्यक्षों, सांसदों, जिला प्रभारियों और विभिन्न प्रकोष्ठ प्रमुखों की उपस्थिति में एक मेगा संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को किसी भी परिस्थिति में सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और मंत्रियों के लिए अनावश्यक दबाव की स्थिति नहीं बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्थापित प्रशासनिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को भी उसी मॉडल पर कार्य करना चाहिए जिसमें पार्टी और सरकार के बीच उचित समन्वय हो। नितिन नवीन ने 'सेवा संकल्प अभियान' के ज़रिए जनसेवा के संकल्प को और मज़बूत करने की बात भी कही।
पश्चिम बंगाल में BJP का ऐतिहासिक संघर्ष
प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद BJP पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने में सफल हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि 1952 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनसंघ ने पश्चिम बंगाल से दो सीटें जीती थीं — डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कलकत्ता दक्षिण-पूर्व से और दुर्गाचरण बनर्जी ने झाड़ग्राम से — जबकि पूरे देश में पार्टी ने कुल तीन सीटें जीती थीं।
भट्टाचार्य ने कहा कि वाम मोर्चे के शासनकाल में BJP के अनेक कार्यकर्ताओं की हत्या हुई और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकाल में यह संख्या 334 तक पहुँची। पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी गंभीर अत्याचार हुए। इन्हीं बलिदानों के आधार पर आज राज्य में BJP सरकार स्थापित हुई है।
सरकार के कामकाज और घोषणापत्र की समीक्षा
दोपहर में विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में मंत्रिपरिषद के साथ उच्चस्तरीय बैठक में संकल्प पत्र के ज़रिए की गई जनकल्याणकारी घोषणाओं, पूरी की गई योजनाओं और शेष कार्यों पर विचार-विमर्श हुआ। सरकार के कामकाज, विकास, कानून-व्यवस्था और पश्चिम बंगाल की सीमा सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रही चिंताओं पर भी चर्चा हुई।
बैठक में पश्चिम बंगाल में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों, BSF के साथ सहयोग की समीक्षा और भूमि अधिग्रहण से रुकी रेलवे व अन्य सरकारी परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र-राज्य समन्वय और सीमावर्ती ज़िलों की सुरक्षा राष्ट्रीय विमर्श में प्रमुखता से उभर रही है।
आगे की योजना
नितिन नवीन ने निर्धारित लक्ष्यों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया और बताया कि इसी प्रकार की अगली समीक्षा बैठक छह महीने बाद आयोजित की जाएगी। यह दौरा पश्चिम बंगाल में पार्टी-सरकार समन्वय को एक संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।