भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का पश्चिम बंगाल दौरा: चुनावी तैयारियों पर विशेष ध्यान
सारांश
Key Takeaways
- नितिन नवीन का पश्चिम बंगाल दौरा 24 और 25 मार्च को होगा।
- उन्हें कोलकाता में संगठनात्मक बैठकों में भाग लेना है।
- राज्य के नेताओं के साथ चुनाव तैयारियों पर चर्चा होगी।
- पश्चिम बंगाल में मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा।
- नितिन नवीन ने घुसपैठ के मुद्दे पर चिंता जताई है।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 24 और 25 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे कोलकाता में संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगे। साथ ही, वे राज्य के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करेंगे।
इससे पहले, 2 मार्च को नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया था, जिसमें उन्होंने सिलीगुड़ी में एक जनसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया था। घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से बंगाल में बांग्लादेशियों का प्रवेश हो रहा है, उससे हमारे डेमोग्राफिक बैलेंस पर खतरा मंडरा रहा है।
नितिन नवीन ने सिलीगुड़ी में व्यापार और उद्योग के नेताओं से बातचीत करते हुए कहा, "बंगाल पहले सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र था, लेकिन अब इसकी स्थिति तेजी से गिर रही है। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है, जिसने इस क्षेत्र को उचित महत्व नहीं दिया। भारत की अर्थव्यवस्था में बंगाल का योगदान पहले 10 प्रतिशत था, जो अब घटकर 5 प्रतिशत रह गया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार की मानसिकता क्या है।"
उन्होंने यह भी कहा, "ममता सरकार के तहत, बंगाल आज भ्रष्टाचार और हिंसा का गढ़ बन चुका है। जो पहचान पश्चिम बंगाल की थी, उसे ममता सरकार ने मिटाने का काम किया है।"
भाजपा अध्यक्ष ने घुसपैठ के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा, "राज्य सरकार बंगाल के निवासियों को पलायन के लिए मजबूर कर रही है, जबकि बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को यहाँ बसने की अनुमति दी जा रही है। मतदाता सूची से 50 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। यह स्पष्ट है कि उन्हें यहाँ बसाने में किसने मदद की है।"
यह उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, और सभी राज्यों की विधानसभा सीटों की मतगणना 4 मई को होगी। यह चुनाव 2021 के विधानसभा चुनावों से अलग है, जिसमें मतदान 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में हुआ था।