क्या नितिन नवीन का पश्चिम बंगाल में पहला आधिकारिक दौरा विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण है?
सारांश
Key Takeaways
- नितिन नवीन का यह दौरा भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है।
- दौरे का फोकस संगठनात्मक बैठकों पर है।
- भाजपा 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है।
- दुर्गापुर में कार्यकर्ताओं से बातचीत की जाएगी।
- भाजपा का मानना है कि समर्थन बढ़ रहा है।
कोलकाता, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। यह उनका पदभार संभालने के बाद का पहला आधिकारिक दौरा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का यह दौरा राजनीतिक जगत में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां भाजपा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देने के लिए रणनीति बना रही है।
नितिन नवीन ने कोलकाता के बाद सीधे दुर्गापुर और आसपास के क्षेत्रों का चयन किया है। वे 27 जनवरी को शाम को अंडाल एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होंने शाम में दुर्गापुर के चित्रालय मेला मैदान में 'कमल मेला' कार्यक्रम में भाग लिया, जो पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने और संगठन को मजबूत करने का एक मंच था।
इस दौरे का मुख्य ध्यान संगठनात्मक बैठकों पर है। नवीन राज्य कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिला स्तर पर आकलन लेंगे और बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करेंगे। वे विशेष रूप से दुर्गापुर, आसनसोल, रानीगंज और वर्धमान विभाग के कार्यकर्ता सम्मेलनों में भाग लेंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में बिहारी और गैर-बंगाली वोटरों की अच्छी संख्या है, इसलिए यहां से 'मिशन बंगाल' की शुरुआत करने की योजना बनाई गई है।
भाजपा बंगाल में पिछले चुनावों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। पार्टी का मानना है कि बर्धमान, आसनसोल, बीरभूम, बांकुड़ा और पुरुलिया जैसे जिलों में समर्थन बढ़ रहा है। नवीन महिलाओं, युवाओं और बूथ कार्यकर्ताओं की भूमिकाओं पर जोर देंगे। वे घुसपैठ, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, ग्रामीण संकट और तृणमूल शासन के 15 वर्षों में आर्थिक संकट जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
पार्टी नेतृत्व 2026 के चुनाव को कड़ा मुकाबला मान रहा है। इस दौरे से केंद्रीय नेतृत्व का बंगाल पर ध्यान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उम्मीदवार चयन, रणनीति और संगठनात्मक कमजोरियों को खत्म करने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।