फिरोजपुर पुलिस ने पकड़ा नशे का बड़ा नेटवर्क: 10 किलो हेरोइन, 2 किलो आइस और पिस्तौल समेत तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
फिरोजपुर में पंजाब पुलिस ने 20 मई 2025 को दो अलग-अलग खुफिया ऑपरेशनों के ज़रिए नशीले पदार्थों की तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 10.125 किलोग्राम हेरोइन, 2 किलोग्राम आइस (मेथाम्फेटामाइन) तथा एक .30 बोर की पिस्तौल सहित कारतूस बरामद किए गए। बरामद नशीले पदार्थों की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
ऑपरेशन का विवरण
पुलिस के अनुसार, दोनों ऑपरेशन पूर्व में मिली खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एक संगठित ड्रग सप्लाई गिरोह के सक्रिय सदस्यों के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर लंबे समय से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त थे। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
नेटवर्क की कार्यप्रणाली
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि ये आरोपी केवल स्थानीय स्तर पर ड्रग्स बेचने तक सीमित नहीं थे, बल्कि एक व्यापक नेटवर्क के ज़रिए आपूर्ति श्रृंखला को भी संचालित करते थे। जाँच टीमों को 'बैकवर्ड लिंकेज' — यानी नशीले पदार्थों के मूल स्रोत और आपूर्तिकर्ताओं की पहचान — तथा 'फॉरवर्ड लिंकेज' — यानी ड्रग्स को आगे पहुँचाने वाले अन्य व्यक्तियों को पकड़ने — का काम सौंपा गया है।
सरकार और पुलिस का रुख
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पंजाब सरकार नशा तस्करी के विरुद्ध अभियान को लगातार तेज़ कर रही है। पंजाब पुलिस ने इस सफलता को 'नशा मुक्त पंजाब' के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम बताया है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशीले पदार्थों की तस्करी या आपूर्ति की कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें — गुमनाम तरीके से भी सूचना दी जा सकती है।
आगे क्या होगा
पुलिस टीमें इस पूरे नेटवर्क की गहन जाँच में जुटी हैं। गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग तस्करी के खिलाफ इस तरह के ऑपरेशन लगातार बढ़ रहे हैं, जो दर्शाता है कि राज्य प्रशासन संगठित नशा गिरोहों की जड़ें खोदने के लिए प्रतिबद्ध है। इस गिरफ्तारी से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।