आंध्र प्रदेश: श्री सत्य साई जिले के गोल्लापल्ली जलाशय में पाँच महिलाएँ डूबीं, CM नायडू ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में 16 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक हादसे में पाँच महिलाएँ जलाशय में डूबकर जान गँवा बैठीं। पेनुकोंडा के निकट स्थित गोल्लापल्ली जलाशय में यह दुर्घटना तब हुई जब महिलाओं का एक समूह वहाँ घूमने गया था और कथित तौर पर फिसलकर गहरे पानी में जा गिरा। स्थानीय मछुआरों ने सभी पाँचों के शव बरामद किए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, दुर्गापेट (पेनुकोंडा मंडल) निवासी 50 वर्षीया गायत्री अपनी बेटी अश्विनी और पड़ोसियों पुष्पा, हसीना तथा महीन के साथ गोल्लापल्ली जलाशय देखने गई थीं। सभी पाँचों पीड़ित पेनुकोंडा मंडल के दुर्गापेट की रहने वाली थीं।
घटना विशेष रूप से मार्मिक इसलिए भी है क्योंकि गायत्री की बेटी अश्विनी की हाल ही में शादी हुई थी और वह अपने पति के साथ मुंबई में रह रही थीं। दशहरा की छुट्टियों के उपलक्ष्य में वह माता-पिता के घर आई हुई थीं और इसी दौरान यह हादसा हो गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पेनुकोंडा के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) शिव प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाएँ जलाशय के किनारे घूम रही थीं, जब वे फिसलकर पानी में गिर गईं।
सरकार का शोक और निर्देश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पाँचों महिलाओं की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने अधिकारियों से घटना का पूरा विवरण लिया।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी शोक व्यक्त किया और जिला कलेक्टर को दुर्घटना के कारणों की जाँच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, 'एक पर्यटन यात्रा के दौरान पाँच जीवन चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है।' पवन कल्याण ने आश्वासन दिया कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार मृतकों के परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी।
उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने तथा जलाशयों और गहरे पानी वाले स्थलों पर लाइफगार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ सैर पर निकली महिलाओं का इस प्रकार दुखद अंत होना अत्यंत कष्टदायक है।
जगन मोहन रेड्डी ने राज्य सरकार से मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता और पर्याप्त आर्थिक मदद प्रदान करने का आग्रह किया।
आम जनता पर असर और आगे का रास्ता
यह हादसा उस वक्त हुआ जब पूरा देश दशहरा पर्व की खुशियाँ मना रहा था और कई परिवार पर्यटन स्थलों पर जा रहे थे। गोल्लापल्ली जलाशय में सुरक्षा उपायों की कमी अब सवालों के घेरे में है। यह घटना राज्य के पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुरक्षा ढाँचे की अनदेखी को रेखांकित करती है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच रिपोर्ट और सुरक्षा समीक्षा जल्द पूरी की जाएगी।