क्या उत्तर प्रदेश में गंगा में डूबे एक ही परिवार के तीन सगे भाई मिलेंगे?

सारांश
Key Takeaways
- गंगा में डूबने की घटनाएँ आम हैं, सावधानी बरतें।
- धार्मिक समारोहों के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है।
- परिवार का संबल और सहारा बहुत महत्वपूर्ण है।
- प्रशासन का त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है।
- सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
अमरोहा, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। गजरौला थाना क्षेत्र के तिगरी गंगा धाम में एक मुंडन संस्कार के दौरान नहाते समय एक ही परिवार के तीन सगे भाई गंगा में डूब गए।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, जबकि प्रशासन ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अभी तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
यह हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दानिशमंदान निवासी मजदूर रामपाल के परिवार के साथ हुआ। रामपाल अपने पोते का मुंडन संस्कार कराने के लिए पूरे परिवार के साथ गजरौला के प्रसिद्ध तिगरी गंगा धाम पहुंचे थे। धार्मिक रस्में चल ही रही थीं कि रामपाल के तीन बेटे (25 वर्षीय ओंकार, 23 वर्षीय बंटी और 18 वर्षीय अनुज) गंगा में नहाने उतर गए।
परिजनों के अनुसार, काफी देर तक जब तीनों भाई गंगा से बाहर नहीं आए तो चिंता बढ़ने लगी। पहले खुद ही आसपास ढूंढने की कोशिश की गई, लेकिन जब पता नहीं चला, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही गजरौला थाना प्रभारी मनोज कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू कराया, लेकिन देर रात तक किसी का पता नहीं चला।
इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बच्चों की मां शशिबाला का रो-रोकर बुरा हाल है।
शशिबाला ने कहा, "मेरे तीनों बेटे एक साथ चले गए, हम सबके सपने, हमारा सहारा। कुछ नहीं बचा अब।"
फिलहाल, एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सर्च अभियान में जुटी है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सघन तलाश अभियान शुरू किया है।