क्या गणतंत्र दिवस पर गृह मंत्रालय की झांकी नए आपराधिक कानूनों का प्रतिनिधित्व करेगी?

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क्या गणतंत्र दिवस पर गृह मंत्रालय की झांकी नए आपराधिक कानूनों का प्रतिनिधित्व करेगी?

सारांश

गणतंत्र दिवस पर गृह मंत्रालय की झांकी में नए आपराधिक कानूनों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें डिजिटल सबूत संग्रह और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र मुख्य आकर्षण होंगे। यह झांकी आधुनिक और तकनीक-आधारित न्याय प्रणाली की दिशा में भारत के कदमों को प्रदर्शित करेगी।

Key Takeaways

  • गणतंत्र दिवस पर नई आपराधिक कानूनों की झांकी का प्रदर्शन
  • डिजिटल सबूत संग्रह और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की मुख्य विशेषताएं
  • आधुनिक, तकनीक-आधारित न्याय प्रणाली की दिशा में भारत के कदम
  • नए कानूनों का सुलभ, समावेशी और पारदर्शी होना
  • सामुदायिक सेवा का सुधारात्मक सजा के रूप में समावेश

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस परेड में गृह मंत्रालय की झांकी विशेष रूप से महत्वपूर्ण होने जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि इस झांकी में डिजिटल सबूत संग्रह और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र मुख्य आकर्षण होंगे। यह झांकी देशभर में लागू होने वाले नए कानूनों पर आधारित है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित झांकी का विषय नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर केंद्रित होगा। ये नए कानून हैं—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, जो 1 जुलाई 2024 से लागू होंगे।

अधिकारिक बयान में उल्लेख किया गया कि ये तीनों कानून इस सदी के सबसे बड़े सुधारों में से एक माने जा रहे हैं। इन कानूनों ने उपनिवेशीय सजा आधारित कानूनों को समाप्त कर, एक विकसित भारत की आकांक्षा को दर्शाया है, जिसमें भारतीय दर्शन के अनुसार “न्याय” को अपनाया गया है।

झांकी में यह प्रदर्शित किया जाएगा कि नए कानून देशभर में किस प्रकार लागू हुए और भारत किस तरह एक आधुनिक, तकनीक-आधारित, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की ओर अग्रसर है।

मुख्य विशेषताएं जो झांकी में दिखाई जाएंगी, उनमें ई-साक्ष्य का उपयोग डिजिटल सबूत संग्रह के लिए, राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली बायोमेट्रिक पहचान के लिए, ई-समन, जिससे कोर्ट डिजिटल रूप से साइन किए गए समन जारी कर सकेंगे, और वर्चुअल सुनवाई जैसी तकनीक-सक्षम कोर्ट प्रक्रियाएं शामिल रहेंगी।

यह झांकी दिखाएगी कि पुलिस, फोरेंसिक, अभियोजन, अदालत और जेलें आपस में किस तरह से इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के तहत जुड़ी हुई हैं। झांकी में मोबाइल फोरेंसिक यूनिट्स को प्रदर्शित किया जाएगा, जो अपराध स्थलों पर तेज फोरेंसिक पहुंच और त्वरित प्रतिक्रिया का प्रतीक हैं।

इसके अतिरिक्त, झांकी में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र जैसे कंट्रोल रूम सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और फील्ड में प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाया जाएगा।

नए कानूनों के तहत सामुदायिक सेवा को सुधारात्मक सजा के रूप में शामिल करना न्याय में प्रगतिशील और मानवतावादी दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसे भी झांकी में प्रदर्शित किया जाएगा।

अधिकारिक बयान में कहा गया कि नए कानूनों की बहुभाषी किताबों को शामिल करना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि कानून सभी नागरिकों के लिए सुलभ, समावेशी और पारदर्शी हों।

Point of View

और यह सरकार की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है कि कानून सभी के लिए सुलभ और पारदर्शी हों।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

गणतंत्र दिवस पर गृह मंत्रालय की झांकी का मुख्य विषय क्या है?
झांकी का मुख्य विषय देशभर में नए आपराधिक कानूनों का कार्यान्वयन है।
नए आपराधिक कानूनों में क्या शामिल है?
नए कानूनों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं।
झांकी में कौन सी तकनीकें प्रदर्शित की जाएंगी?
झांकी में ई-साक्ष्य, बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली, ई-समन और वर्चुअल सुनवाई जैसी तकनीकें प्रदर्शित की जाएंगी।
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