क्या झारखंड के गढ़वा में स्वास्थ्य केंद्र से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए?

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क्या झारखंड के गढ़वा में स्वास्थ्य केंद्र से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए?

सारांश

झारखंड के गढ़वा से फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का मामला गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत जांच शुरू की है, जिसमें हजारों प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। क्या यह समस्या और बढ़ सकती है?

Key Takeaways

  • स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 11 हजार जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
  • लगभग 9 हजार प्रमाण पत्र संदिग्ध या फर्जी हैं।
  • जांच में दो ऑपरेटरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
  • ओटीपी वेरिफिकेशन के बिना कई प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।
  • स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित रिकॉर्ड सीज कर दिए हैं।

गढ़वा, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हजारों की संख्या में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच की प्रक्रिया आरंभ की है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि स्वास्थ्य केंद्र से अब तक लगभग 11 हजार जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जिनमें से करीब 9 हजार प्रमाण पत्र संदेहास्पद या फर्जी प्रतीत होते हैं।

अधिकतर फर्जी प्रमाण पत्र झारखंड के गुमला, बोकारो, जामताड़ा, धनबाद और पलामू के फर्जी पतों पर बनाए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. जान एफ. केनेडी और एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने धुरकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संयुक्त निरीक्षण कर प्रारंभिक जांच की।

सिविल सर्जन ने बताया कि एक तीन सदस्यीय समिति ने अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 के दौरान प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया के सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की समीक्षा की।

जांच के दौरान जन्म प्रमाण पत्रों में गड़बड़ियों के मामलों में केंद्र के दो ऑपरेटर गौतम चंद्रवंशी और मनोज कुमार चंद्रवंशी की भूमिका संदिग्ध पाई गई और उनसे पूछताछ की गई।

उपलब्ध दस्तावेज और डिजिटल लॉग की जांच से यह भी पाया गया कि कुछ प्रमाण पत्रों को ओटीपी वेरिफिकेशन किए बिना ही जारी किया गया है। यह प्रवृत्ति साइबर क्राइम का रूप ले सकती है, इसलिए प्राथमिकी दर्ज कराने पर भी विचार किया जा रहा है। शिकायतें मिलीं कि धुरकी केंद्र से साहेबगंज और पाकुड़ जैसे दूरस्थ जिलों के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र भी बनाए गए हैं। समिति ने कई प्रमाण पत्रों को वास्तविकता के विपरीत और गलत मानकर तत्काल रद्द करने का आदेश दिया है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित रिकॉर्ड सीज कर दिए हैं और आगे की सत्यापन प्रक्रिया के लिए तकनीकी टीम को बुला लिया गया है। यदि आवश्यकता पड़ी तो साइबर सुरक्षा एजेंसी से भी सहयोग लिया जाएगा। प्रभावित लोगों के लिए सही दस्तावेजों की पुनः जांच और आवश्यक सुधार प्रक्रियाएं लागू की जाएंगी।

Point of View

बल्कि हमें ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ सख्त कानून की आवश्यकता है।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र क्या होते हैं?
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र वे दस्तावेज होते हैं जो अवैध रूप से बनाए जाते हैं और जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की है और सभी संबंधित रिकॉर्ड को सीज कर दिया है।
क्या फर्जी प्रमाण पत्र जारी करना एक अपराध है?
हाँ, फर्जी प्रमाण पत्र जारी करना एक गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह घटना समाज में सरकारी प्रक्रियाओं पर विश्वास को कम कर सकती है और लोगों में चिंता पैदा कर सकती है।
क्या इससे जुड़े लोग सजा पाएंगे?
जांच के बाद यदि किसी की संलिप्तता सिद्ध होती है, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
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