गौतमबुद्धनगर में 3 दिन में 1003 बसों की जाँच, 67 चालान; इमरजेंसी एग्जिट-CCTV-फायर सेफ्टी पर सख्ती
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर यातायात पुलिस ने 27 सितंबर से 29 सितंबर 2026 के बीच चलाए गए तीन दिवसीय विशेष बस-चेकिंग अभियान में 1003 बसों की सघन जाँच की और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 67 बसों के चालान काटे। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चले इस अभियान में इमरजेंसी एग्जिट, सीसीटीवी, फायर सेफ्टी उपकरण और ब्लैक फिल्म की विशेष रूप से पड़ताल की गई।
अभियान का दायरा और उद्देश्य
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के पुलिस उपायुक्त (यातायात) के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान का मकसद सड़क सुरक्षा को व्यावहारिक धरातल पर मज़बूत करना था। यातायात पुलिस के अनुसार, जाँच केवल काग़ज़ात और सामान्य यातायात नियमों तक सीमित नहीं रखी गई, बल्कि यात्री सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक पहलू को परखा गया।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन बसों में आग लगने और दुर्घटनाओं की कई घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके बाद राज्य भर में बस सुरक्षा मानकों पर प्रशासनिक सख्ती बढ़ी है।
मुख्य घटनाक्रम: क्या-क्या परखा गया
अभियान के तहत बस चालकों का ड्रंक एंड ड्राइव परीक्षण किया गया। इसके साथ ही निम्नलिखित बिंदुओं की गहन जाँच हुई:
आपातकालीन द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) की उपलब्धता और कार्यशीलता, सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी व संचालन स्थिति, पर्दे अथवा ब्लैक फिल्म का अनधिकृत उपयोग, तथा फायर सेफ्टी उपकरणों की उपस्थिति और वैधता। पुलिस ने देखा कि किसी आपात स्थिति में इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव है या नहीं।
उल्लंघन पर प्रवर्तन कार्रवाई
जाँच के दौरान जिन 67 बसों में सुरक्षा संबंधी कमियाँ अथवा यातायात नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस ने बस चालकों और परिचालकों को यातायात नियमों का पालन करने, यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अधिकारियों के अनुसार, बस संचालकों को भी निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए सचेत किया गया।
आम यात्रियों पर असर
यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन वाहनों में एक साथ बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था का दुरुस्त होना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी आपात स्थिति में इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा संसाधन यात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकते हैं। इस अभियान का प्रत्यक्ष लाभ उन लाखों यात्रियों को मिलेगा जो प्रतिदिन ग्रेटर नोएडा और गौतमबुद्धनगर की बस सेवाओं पर निर्भर हैं।
आगे भी जारी रहेंगे अभियान
यातायात पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इस तरह के विशेष अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट और परिवहन मंत्रालय दोनों ने सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा मानकों पर राज्य सरकारों से सख्त अनुपालन रिपोर्ट माँगी है।