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गाजियाबाद मुठभेड़: ₹50 हजार इनामी बदमाश गौरव नागर गिरफ्तार, लोनी हत्याकांड का खुलासा

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गाजियाबाद मुठभेड़: ₹50 हजार इनामी बदमाश गौरव नागर गिरफ्तार, लोनी हत्याकांड का खुलासा

सारांश

गाजियाबाद पुलिस ने बंथला-चिरोड़ी मार्ग पर मुठभेड़ में ₹50 हजार इनामी बदमाश गौरव नागर को गिरफ्तार किया। आरोपी ने ओमकार सिंह के अपहरण और हत्या का गुनाह कबूला — जिससे 30 मई से लंबित लोनी हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया।

मुख्य बातें

गाजियाबाद पुलिस ने 13 जून को मुठभेड़ के बाद ₹50 हजार इनामी बदमाश गौरव नागर को गिरफ्तार किया।
मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोलियाँ लगीं; उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरोपी ने 30 मई को लोनी थाना क्षेत्र के गनौली गाँव से ओमकार सिंह के अपहरण और हत्या की बात कबूल की।
ओमकार का शव रोहटा मेरठ रोड स्थित गंगानगर में फेंका गया था।
आरोपी के पास से एक पिस्टल और चार कारतूस बरामद; एनसीआर में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने 13 जून को मुठभेड़ के बाद ₹50 हजार के इनामी बदमाश गौरव नागर को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोलियाँ लगीं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने लोनी हत्याकांड का भी पर्दाफाश किया, जिसमें ओमकार सिंह नामक व्यक्ति का अपहरण कर हत्या की गई थी।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, शनिवार देर रात पुलिस को आरोपियों की लोकेशन की सूचना मिली। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बंथला-चिरोड़ी मार्ग पर नहर के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक सफेद स्विफ्ट कार बंथला की ओर से चिरोड़ी की तरफ आती दिखी।

पुलिस के रुकने का इशारा करने पर आरोपी ने कार नहीं रोकी। पुलिस ने कार का पीछा किया, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई। आरोपी ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर गोलियाँ चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायर किया। इस जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोलियाँ लगीं और उसे घायल अवस्था में हिरासत में ले लिया गया।

लोनी हत्याकांड का खुलासा

एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 30 मई को लोनी थाना क्षेत्र के गनौली गाँव से ओमकार सिंह के अपहरण की सूचना दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी गौरव नागर ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ओमकार का अपहरण किया था। इसके बाद ओमकार की हत्या कर उसके शव को रोहटा मेरठ रोड स्थित गंगानगर में फेंक दिया गया था।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब एनसीआर क्षेत्र में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं। गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ पूरे एनसीआर क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामदगी और विधिक कार्रवाई

एसीपी के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से आरोपी के पास से एक पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए गए। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और फिलहाल मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।

आगे क्या होगा

पुलिस अब हत्याकांड में शामिल अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने संकेत दिया कि आरोपी के खुलासे के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 30 मई को अपहरण की सूचना दर्ज होने के बाद भी आरोपी दो हफ्तों तक फरार क्यों रहा। गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी पकड़ से बाहर हैं, जो जाँच की अधूरी तस्वीर को उजागर करता है। एनसीआर में आधा दर्जन से अधिक मामलों वाले आरोपी का इतने समय तक खुलेआम घूमना, निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद मुठभेड़ में किसे गिरफ्तार किया गया?
गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ₹50 हजार के इनामी बदमाश गौरव नागर को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोलियाँ लगीं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लोनी हत्याकांड क्या है?
30 मई को गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के गनौली गाँव से ओमकार सिंह का अपहरण हुआ था। आरोपी गौरव नागर ने कबूल किया कि उसने और उसके साथियों ने ओमकार की हत्या कर उसका शव रोहटा मेरठ रोड स्थित गंगानगर में फेंक दिया था।
मुठभेड़ कहाँ हुई और कैसे?
मुठभेड़ बंथला-चिरोड़ी मार्ग पर नहर के पास हुई। पुलिस की चेकिंग के दौरान आरोपी की सफेद स्विफ्ट कार नहीं रुकी, पीछा करने पर कार पेड़ से टकराई और आरोपी ने पुलिस पर गोलियाँ चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस फायरिंग में वह घायल हो गया।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गौरव नागर के खिलाफ पूरे एनसीआर क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। मुठभेड़ स्थल से उसके पास एक पिस्टल और चार कारतूस भी बरामद हुए।
क्या हत्याकांड के अन्य आरोपी भी पकड़े गए?
अभी तक केवल गौरव नागर की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, आरोपी के खुलासे के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और विधिक कार्रवाई चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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