क्या टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग गलतफहमी में न रहें? जेएनयू कैंपस में नारेबाजी पर बोले गिरिराज सिंह
सारांश
Key Takeaways
- गिरिराज सिंह ने जेएनयू में नारेबाजी को गंभीरता से लिया।
- भारत को बांटने की सोच रखने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया गया।
नई दिल्ली/पटना, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कैंपस में लगे विवादास्पद नारे के संदर्भ में कहा है कि भारत को विभाजित करने और पाकिस्तान की मानसिकता रखने वाले लोग गलतफहमी में न रहें। चरमपंथियों और नक्सलियों के साथ-साथ 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को भी समाप्त कर दिया जाएगा।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा, "जेएनयू कैंपस 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का केंद्र बन गया है, जिसमें राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी पार्टी और अन्य विपक्षी दल शामिल हैं। देश इसे अधिक समय तक सहन नहीं करेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि शरजील इमाम और उमर खालिद के मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का मैं स्वागत करता हूं। इस बीच, गिरिराज सिंह ने कहा, "जो लोग भारत को विभाजित करने की बात करते हैं और पाकिस्तान जैसी सोच रखते हैं, उनके लिए इस देश में कोई स्थान नहीं है। गलतफहमी में न रहें। यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सरकार है। जिस प्रकार चरमपंथियों और नक्सलियों को समाप्त किया जा रहा है, उसी प्रकार 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को भी खत्म किया जाएगा।"
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जेएनयू में लगाए जा रहे नारे एक अर्बन-नक्सली विचारधारा है जिसे राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी समर्थन कर रही है। यह वही विचारधारा है जिसे बौद्धिक आतंकवाद में परिवर्तित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब से देशद्रोही उमर खालिद, जो कहता है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर पर गैर-कानूनी कब्जा किया है, या देशद्रोही शरजील इमाम जो कहता है कि वह चिकन नेक को भारत से अलग करना चाहता है, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, "उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में कांग्रेस के नेता आए हैं। जिस तरह जेएनयू कैंपस में नारे लगे हैं, इन नारों का समर्थन मौन स्वीकृति के जरिए कांग्रेस पार्टी कर रही है। चुनाव के मैदान में जनता के सामने इनका देशविरोधी चेहरा होता है। यही कारण है कि जनता उन्हें बार-बार विपक्ष में बैठाती है।"