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क्या ग्रेटर नोएडा में किसानों की तिरंगा बाइक रैली ने सरकार को जगाने का प्रयास किया?

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क्या ग्रेटर नोएडा में किसानों की तिरंगा बाइक रैली ने सरकार को जगाने का प्रयास किया?

सारांश

ग्रेटर नोएडा में 13 अगस्त को आयोजित तिरंगा बाइक रैली ने किसानों की एकता और देशभक्ति का अद्भुत नजारा पेश किया। इस रैली के माध्यम से किसानों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। जानिए इस रैली की खास बातें और किसानों की आवाज़।

मुख्य बातें

तिरंगा बाइक रैली में किसानों की एकता का अद्भुत नजारा।
किसानों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया।
रैली का आयोजन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से हुआ।
पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए।
किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए।

ग्रेटर नोएडा, 13 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 13 अगस्त को सम्पूर्ण भारत में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) गौतम बुद्ध नगर इकाई ने एक विशाल बाइक रैली का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों किसान राष्ट्रीय ध्वज थामे जोश और देशभक्ति के साथ शामिल हुए।

यह रैली ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट से शुरू होकर यमुना विकास प्राधिकरण, पी-3 गोल चक्कर और कसाना होते हुए पेरीफेरल रोड पर स्थित रामपुर सिरसा टोल तक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। रैली के दौरान पूरे मार्ग पर किसानों का उत्साह अद्भुत था। जगह-जगह लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

बड़ी संख्या में बाइक सवार किसान हरे और सफेद पगड़ी में, ट्रैक्टर और बाइकों पर तिरंगा लहराते हुए आगे बढ़ते रहे। इस दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। भारी पुलिस बल और यातायात विभाग के कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया।

भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना ने बताया कि रैली जीरो प्वाइंट धरना स्थल से शुरू हुई। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की लंबित मांगों को लेकर सरकार तक एक सशक्त और स्पष्ट संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को सकारात्मक और ठोस कदम उठाने चाहिए।

मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की गई है। इसके जरिए किसानों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुटता का परिचय दिया और सरकार से अपील की कि किसानों के हित में जल्द से जल्द फैसले लिए जाएं। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें किसानों की आवाज़ को सुनना चाहिए। यह रैली न केवल उनकी समस्याओं को उजागर करती है, बल्कि यह दर्शाती है कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए और उनके हितों की रक्षा करनी चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान रैली का मुख्य उद्देश्य क्या था?
किसान रैली का मुख्य उद्देश्य किसानों की लंबित मांगों को सरकार तक पहुंचाना था।
इस रैली का आयोजन कब और कहाँ हुआ?
यह रैली 13 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में आयोजित की गई।
रैली में शामिल किसानों की संख्या कितनी थी?
रैली में सैकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए।
क्या रैली शांति से आयोजित की गई थी?
हाँ, यह रैली पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की गई।
पुलिस ने रैली के दौरान क्या इंतजाम किए?
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और यातायात विभाग के कर्मियों को तैनात किया।
राष्ट्र प्रेस
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