क्या ग्रेटर नोएडा में स्वास्थ्य विभाग का निःशुल्क चिकित्सा शिविर सफल रहा?
सारांश
Key Takeaways
- स्वास्थ्य विभाग ने ग्रेटर नोएडा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया।
- सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार के निर्देशन में शिविर का आयोजन हुआ।
- कुल 23 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें 7 मरीजों को उपचार दिया गया।
- स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह शिविर महत्वपूर्ण है।
- स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से तत्काल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
ग्रेटर नोएडा, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन क्षेत्र में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) गौतम बुद्ध नगर डॉ. नरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में निवास कर रहे नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच करना और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
यह शिविर चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डाढा, दनकौर के माध्यम से आयोजित किया गया। सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि हाल के दिनों में डेल्टा वन क्षेत्र में कुछ लोगों ने उल्टी और दस्त जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की थी। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने का निर्णय लिया, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को समय पर उपचार मिल सके और किसी भी संभावित बीमारी के फैलने से रोका जा सके।
इस चिकित्सा शिविर में डॉक्टर शिल्पी शुक्ला ने मरीजों की जांच की और उन्हें परामर्श दिया। उनके साथ फार्मासिस्ट वेद प्रकाश ने आवश्यक दवाइयों का वितरण किया, जबकि स्टाफ नर्स कुसुम ने मरीजों की प्राथमिक जांच और देखभाल की।
शिविर के दौरान वार्ड बॉय कृष्णा कुमार ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला, जिससे मरीजों को कोई असुविधा नहीं हुई। कुल 23 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें से 7 मरीज उल्टी और दस्त से प्रभावित पाए गए, जिन्हें त्वरित दवाइयां दी गईं और खान-पान से संबंधित आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।
चिकित्सकों ने मरीजों को सलाह दी कि वे स्वच्छ पानी का सेवन करें, साफ-सफाई बनाए रखें और यदि लक्षण बढ़ें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने का निर्णय लिया। इसके तहत डेल्टा वन क्षेत्र के 5 घरों से पेयजल के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर घबराएं नहीं और तुरंत सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
साथ ही, साफ पानी का उपयोग करने और स्वच्छता पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ऐसे चिकित्सा शिविर आगे भी आयोजित किए जाएंगे।