क्या जीएसटी सुधार छोटे और मध्यम किसानों को लाभ पहुंचाएगा? : शिवराज सिंह चौहान

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क्या जीएसटी सुधार छोटे और मध्यम किसानों को लाभ पहुंचाएगा? : शिवराज सिंह चौहान

सारांश

क्या जीएसटी सुधार छोटे और मध्यम किसानों के लिए सच में लाभकारी साबित होंगे? केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं कि ये सुधार किस प्रकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देंगे।

मुख्य बातें

जीएसटी सुधारों से किसानों की लागत कम होगी।
कृषि उपकरणों पर जीएसटी 18% से घटकर 5% होगा।
डेयरी उत्पादों पर अब जीएसटी नहीं लगेगा।
जैविक कीटनाशकों पर जीएसटी कम किया गया है।
किसानों का मुनाफा बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है।

नई दिल्ली, 7 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जीएसटी सुधारों का कृषि क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को विशेष लाभ मिलेगा। भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरों में कमी से खेती की लागत कम होगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जैव-कीटनाशकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी कम किया गया है, जिससे किसानों को फायदा होगा। इसके साथ ही, रासायनिक उर्वरकों से जैव-उर्वरकों की ओर किसानों का झुकाव बढ़ेगा। डेयरी क्षेत्र में दूध और पनीर पर अब जीएसटी नहीं लगेगा, जिससे न केवल आम जनता को लाभ होगा, बल्कि किसानों, पशुपालकों और दूध उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा।

मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री और सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि आम जनता को कोई परेशानी न हो। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने कहा था कि जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाए जाएंगे, जो लोगों को बड़ी राहत देंगे।"

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, "हमारा संकल्प है कि कृषि में उत्पादन लागत कम हो और उत्पादन बढ़े। इससे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।"

चौहान ने बताया कि जीएसटी सुधारों से किसानों को कई लाभ होंगे। कुछ कंपनियों ने इसकी शुरुआत कर दी है। कृषि उपकरणों जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और रोटावेटर पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। उदाहरण के तौर पर, 9 लाख रुपए का ट्रैक्टर अब 65,000 रुपए सस्ता मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा, "हमारे देश में किसानों की जोत छोटी है। इसलिए हम एकीकृत खेती को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि किसान खेती के साथ-साथ संबद्ध क्षेत्रों में भी काम कर सकें।"

मंत्री ने कहा, "डेयरी क्षेत्र में मक्खन, घी और दूध के डिब्बों पर भी जीएसटी कम किया गया है, जिससे स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी और डेयरी क्षेत्र को प्रगति मिलेगी। इससे किसान और पशुपालक सीधे लाभान्वित होंगे।"

12 जैविक कीटनाशकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर भी जीएसटी कम किया गया है। उर्वरकों के कच्चे माल जैसे अमोनिया, सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। इससे उर्वरकों की कीमतें कम होंगी और किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जो हमारे राष्ट्रीय विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी सुधारों का कृषि क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
जीएसटी सुधारों का कृषि क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को लाभ होगा।
कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरें कम होने से क्या होगा?
कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरें कम होने से खेती की लागत कम होगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।
गौण उत्पादों पर जीएसटी कम करने का क्या लाभ है?
गौण उत्पादों पर जीएसटी कम करने से किसान और पशुपालक सीधे लाभान्वित होंगे।
क्या डेयरी उत्पादों पर जीएसटी खत्म हो गया है?
हां, डेयरी क्षेत्र में दूध और पनीर पर अब जीएसटी नहीं लगेगा।
जैविक कीटनाशकों पर जीएसटी कम करने से क्या होगा?
जैविक कीटनाशकों पर जीएसटी कम करने से किसानों को फायदा होगा और जैव-उर्वरकों की ओर रुझान बढ़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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