क्या गुजरात के बोटाद जिले को रोबोटिक्स आधारित मतदाता जागरूकता पहल के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार?
सारांश
Key Takeaways
- बोट्रोन एक अनोखी रोबोटिक्स आधारित पहल है।
- यह पहल युवाओं के लिए मतदाता शिक्षा को रोचक बनाती है।
- बोटाद जिले को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
- यह तकनीक का सही उपयोग करके लोकतंत्र को सशक्त बनाता है।
- अन्य जिलों के लिए बोटाद मॉडल प्रेरणादायक है।
गांधीनगर, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के बोटाद जिले को एक तकनीक आधारित मतदाता जागरूकता पहल के लिए राष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। यह राज्य का एकमात्र जिला है, जिसे रविवार को आयोजित १६वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में 'नवाचारी मतदाता जागरूकता पहलों' श्रेणी में सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा नई दिल्ली में प्रदान किया गया। इसे बोटाद जिले के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट जिन्सी रॉय ने स्वीकार किया।
इस पुरस्कार के तहत बोटाद जिले की प्रशासनिक टीम द्वारा लागू किए गए 'बोट्रोन' पहल को सम्मानित किया गया। 'बोट्रोन' एक रोबोटिक्स-आधारित मतदाता शिक्षा कार्यक्रम है। अधिकारियों के अनुसार, यह भारत के निर्वाचन ढांचे में मतदाता जागरूकता के लिए रोबोटिक्स का पहला व्यवस्थित और संरचित उपयोग का उदाहरण है।
इस कार्यक्रम की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी जिले स्तर पर कलेक्टर की देखरेख में की गई। 'बोट्रोन' को मतदाता-संबंधित जानकारी को स्पष्ट, समान और निष्पक्ष तरीके से देने के लिए विकसित किया गया, ताकि तकनीक का उपयोग कर जागरूकता और सहभागिता बढ़ाई जा सके।
रोबोट में भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा तय की गई जानकारी डाली गई, जिसमें मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, मतदाता सूची में सुधार, नैतिक मतदान और चुनावी कार्यक्रमों की जानकारी शामिल थी। जिला अधिकारियों ने बताया कि सामग्री सटीक और लगातार बनी रहे, इसके लिए इसे सावधानीपूर्वक तैयार किया गया और किसी भी गलत जानकारी से बचा गया।
रोबोटिक यूनिट्स को बोटाद जिले के ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया, जहां ज्यादा लोग आते-जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंच सके। प्रशासन के अनुसार, 'बोट्रोन' को विभिन्न सार्वजनिक जगहों पर रखा गया ताकि नागरिक इसके साथ आसानी से बातचीत कर सकें और आवश्यक चुनावी जानकारी प्राप्त कर सकें।
जिन्सी रॉय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उभरती तकनीक का उपयोग कर युवाओं और पहली बार वोट देने वालों के लिए मतदाता शिक्षा को आसान और रोचक बनाना था।
कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर ने 'बोट्रोन' के क्षेत्रीय प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की और नागरिकों से प्राप्त फीडबैक का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि इस पहल ने युवाओं, शहरी निवासियों और पहली बार वोट देने वालों में विशेष रुचि पैदा की और चुनावी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाई।
निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि 'बोट्रोन' पहल दिखाती है कि जिले स्तर पर प्रशासनिक नेतृत्व और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग मिलकर मतदाता शिक्षा को मजबूत कर सकता है।
राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ बोटाद मॉडल को अन्य जिलों के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जो तकनीक-आधारित मतदाता जागरूकता पहलों को अपनाना चाहते हैं।