10 अगस्त 2026
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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में तिरंगा यात्रा को झंडी दिखाई, 'हर दिल तिरंगा' का आह्वान

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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में तिरंगा यात्रा को झंडी दिखाई, 'हर दिल तिरंगा' का आह्वान

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में 2.4 किमी लंबी तिरंगा यात्रा को रवाना करते हुए नारा दिया — 'हर घर तिरंगा' से आगे बढ़कर 'हर दिल तिरंगा' बनाओ। 9 से 17 अगस्त तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छात्र, युवा और नागरिक 2047 के विकसित भारत के संकल्प के साथ शामिल हो रहे हैं।

मुख्य बातें

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 10 अगस्त 2026 को गांधीनगर में 2.4 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई।
यात्रा जी-6 सर्कल से शुरू होकर अक्षरधाम मंदिर पर समाप्त हुई; आयोजन गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और जिला प्रशासन ने किया।
CM पटेल ने 'हर घर तिरंगा' को 'हर दिल तिरंगा' में बदलने और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को दोहराने का आह्वान किया।
देशभर में 9 से 17 अगस्त तक तिरंगा यात्राएँ आयोजित की जा रही हैं।
गांधीनगर मेयर मीरा पटेल ने भी राष्ट्रीय ध्वज को गौरव और एकता का प्रतीक बताते हुए नागरिकों से जुड़ने की अपील की।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 10 अगस्त 2026 को गांधीनगर में 2.4 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई और नागरिकों से 'हर घर तिरंगा' अभियान को महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-जन की देशभक्ति का आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान 'हर घर तिरंगा' तक सीमित न रहे — इसे 'हर दिल तिरंगा' में बदलना होगा।

यात्रा का मार्ग और आयोजन

गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह राज्य-स्तरीय जुलूस जी-6 सर्कल से शुरू होकर अक्षरधाम मंदिर पर समाप्त हुआ। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और स्थानीय नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। जुलूस में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पुलिस बैंड, नासिक ढोल और गुजरात पुलिस के 'डेयरडेविल्स शो' ने उत्साह में चार चाँद लगाए।

मुख्यमंत्री का संदेश

यात्रा को रवाना करने से पहले उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, 'तिरंगा यात्रा का मकसद आज की पीढ़ी को आजादी के दीवानों के बलिदान और समर्पण को समझने, उनके जीवन से प्रेरणा लेने और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को बढ़ावा देने में मदद करना है।' उन्होंने नागरिकों से इस अवसर का उपयोग 2047 तक एक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराने के लिए करने को कहा।

पटेल ने यह भी कहा, 'हमारे पास खुद को देश के लिए समर्पित करने और भारत को गौरव की नई ऊँचाइयों पर ले जाने का मौका है और इस मौके को 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के साथ पूरा किया जाना चाहिए।' उन्होंने तिरंगे को देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का सर्वोच्च प्रतीक बताया।

मेयर की भागीदारी

गांधीनगर की मेयर मीरा पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज को देश के गौरव, एकता, अखंडता और वीरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान नागरिकों में देशभक्ति की भावना जगा रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों से 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

राष्ट्रव्यापी तिरंगा यात्रा अभियान

गौरतलब है कि नागरिकों में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 9 से 17 अगस्त तक पूरे देश में तिरंगा यात्राएँ आयोजित की जा रही हैं। यह आयोजन भारत की स्वतंत्रता की कठिन यात्रा को स्मरण करने और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को श्रद्धांजलि देने का राष्ट्रीय प्रयास है।

आगे की राह

यह अभियान 15 अगस्त तक अपने चरम पर पहुँचेगा, जब देशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाए जाएँगे। 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विजन के तहत इस तरह के आयोजन राष्ट्रीय एकता को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे 'हर दिल तिरंगा' तक विस्तार देने की अपील यह दर्शाती है कि सरकार इसे प्रतीकात्मकता से आगे ले जाना चाहती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये जुलूस नागरिक जुड़ाव की वास्तविक अभिव्यक्ति हैं या प्रशासनिक लामबंदी का नतीजा — यह अंतर महत्वपूर्ण है। गांधीनगर जैसे राज्य की राजधानी में इस तरह के आयोजन स्वाभाविक रूप से सरकारी तंत्र की पहुँच का लाभ उठाते हैं। 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को तिरंगा यात्राओं से जोड़ना एक स्पष्ट राजनीतिक कथा-निर्माण है, जिसकी असली कसौटी नीतिगत परिणामों में होगी, न कि जुलूसों की लंबाई में।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर तिरंगा यात्रा 2026 क्या थी?
यह 10 अगस्त 2026 को गांधीनगर में आयोजित एक राज्य-स्तरीय जुलूस था, जिसे गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हरी झंडी दिखाई। 2.4 किलोमीटर लंबी यह यात्रा जी-6 सर्कल से अक्षरधाम मंदिर तक गई और इसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और नागरिक शामिल हुए।
'हर घर तिरंगा' अभियान कब से कब तक चलता है?
'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत तिरंगा यात्राएँ 9 से 17 अगस्त तक पूरे देश में आयोजित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को देश के लिए योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करना है।
CM भूपेंद्र पटेल ने 'हर दिल तिरंगा' से क्या मतलब बताया?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान केवल घरों पर झंडा लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक के दिल में देशभक्ति की भावना जागनी चाहिए। उन्होंने इसे 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प और 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य से जोड़ा।
गांधीनगर तिरंगा यात्रा का आयोजन किसने किया?
यह यात्रा गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई। इसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पुलिस बैंड, नासिक ढोल और गुजरात पुलिस के 'डेयरडेविल्स शो' भी शामिल थे।
तिरंगा यात्रा का 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' से क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि हाथों में तिरंगा और दिलों में देशभक्ति लेकर चलने वाले नागरिक 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विजन में सीधा योगदान देते हैं। यह अभियान राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति नागरिक प्रतिबद्धता को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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