गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में तिरंगा यात्रा को झंडी दिखाई, 'हर दिल तिरंगा' का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 10 अगस्त 2026 को गांधीनगर में 2.4 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई और नागरिकों से 'हर घर तिरंगा' अभियान को महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-जन की देशभक्ति का आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान 'हर घर तिरंगा' तक सीमित न रहे — इसे 'हर दिल तिरंगा' में बदलना होगा।
यात्रा का मार्ग और आयोजन
गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह राज्य-स्तरीय जुलूस जी-6 सर्कल से शुरू होकर अक्षरधाम मंदिर पर समाप्त हुआ। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और स्थानीय नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। जुलूस में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पुलिस बैंड, नासिक ढोल और गुजरात पुलिस के 'डेयरडेविल्स शो' ने उत्साह में चार चाँद लगाए।
मुख्यमंत्री का संदेश
यात्रा को रवाना करने से पहले उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, 'तिरंगा यात्रा का मकसद आज की पीढ़ी को आजादी के दीवानों के बलिदान और समर्पण को समझने, उनके जीवन से प्रेरणा लेने और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को बढ़ावा देने में मदद करना है।' उन्होंने नागरिकों से इस अवसर का उपयोग 2047 तक एक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराने के लिए करने को कहा।
पटेल ने यह भी कहा, 'हमारे पास खुद को देश के लिए समर्पित करने और भारत को गौरव की नई ऊँचाइयों पर ले जाने का मौका है और इस मौके को 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के साथ पूरा किया जाना चाहिए।' उन्होंने तिरंगे को देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का सर्वोच्च प्रतीक बताया।
मेयर की भागीदारी
गांधीनगर की मेयर मीरा पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज को देश के गौरव, एकता, अखंडता और वीरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान नागरिकों में देशभक्ति की भावना जगा रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों से 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
राष्ट्रव्यापी तिरंगा यात्रा अभियान
गौरतलब है कि नागरिकों में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 9 से 17 अगस्त तक पूरे देश में तिरंगा यात्राएँ आयोजित की जा रही हैं। यह आयोजन भारत की स्वतंत्रता की कठिन यात्रा को स्मरण करने और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को श्रद्धांजलि देने का राष्ट्रीय प्रयास है।
आगे की राह
यह अभियान 15 अगस्त तक अपने चरम पर पहुँचेगा, जब देशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाए जाएँगे। 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विजन के तहत इस तरह के आयोजन राष्ट्रीय एकता को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा हैं।