6 नवंबर 2026
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गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में बेचे मानसिक रोगियों के बनाए 35,000 दीये, ₹1.90 लाख की बिक्री

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गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में बेचे मानसिक रोगियों के बनाए 35,000 दीये, ₹1.90 लाख की बिक्री

सारांश

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर के बाज़ार में स्वयं विक्रेता बनकर मानसिक रोगियों के हाथ से बने 35,000 दीये बेचे। ₹1.90 लाख की इस बिक्री से आर्थिक पुनर्वास और सामाजिक जुड़ाव की एक अनूठी मिसाल सामने आई।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 6 नवंबर 2026 को गांधीनगर के सेक्टर 21 बाज़ार में मानसिक रोगियों के बनाए दीये स्वयं बेचे।
35,000 दीये लगभग ₹1.90 लाख में बिके।
दीये अहमदाबाद के सरकारी मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बनाए गए थे।
पहल 'नशा मुक्त गुजरात, स्वस्थ युवा, सशक्त परिवार' अभियान से जुड़ी है।
अस्पताल में स्क्रीन प्रिंटिंग, बुनाई, सिलाई, राखी बनाना सहित कई व्यावसायिक कौशल सिखाए जाते हैं।
परिवहन राज्य मंत्री प्रवीण माली , मेयर रूपसिंह ठाकोर सहित कई जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित रहे।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 6 नवंबर 2026 को गांधीनगर के सेक्टर 21 के मुख्य बाज़ार में स्वयं दुकानदार की भूमिका निभाते हुए अहमदाबाद के सरकारी मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों द्वारा हाथ से बनाए गए 35,000 दीयों की बिक्री में सहयोग किया। ये दीये ₹1.90 लाख में बिके और इस पहल का उद्देश्य मानसिक बीमारी से उबर रहे लोगों के आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास को गति देना था।

पहल की पृष्ठभूमि

यह आयोजन गुरुवार, 5 नवंबर को संघवी की अहमदाबाद के सरकारी मानसिक अस्पताल की यात्रा के बाद आकार लिया। उस दौरान उपमुख्यमंत्री ने मरीजों से सीधे बातचीत की, उनके हाथ से बने दीये खरीदे और उनके साथ दीप प्रज्वलित कर उनके परिश्रम की सराहना की। इसी यात्रा से प्रेरित होकर गांधीनगर में बड़े पैमाने पर बिक्री अभियान की रूपरेखा बनाई गई।

संघवी नई जीएसआरटीसी बस से गांधीनगर के सेक्टर 21 बाज़ार पहुँचे, जिससे इस पहल को एक प्रतीकात्मक आयाम भी मिला।

मरीजों के लिए क्या मायने रखती है यह पहल

ये मिट्टी के दीये अहमदाबाद मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल के व्यावसायिक चिकित्सा कार्यक्रम के तहत तैयार किए गए हैं। अस्पताल में पहले से ही स्क्रीन प्रिंटिंग, बुनाई, सिलाई, फाइल निर्माण, राखी बनाना, अगरबत्ती निर्माण और लकड़ी के सामान बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इन गतिविधियों का उद्देश्य रोगियों को व्यावहारिक कौशल देना है ताकि वे अस्पताल से बाहर भी आजीविका कमा सकें।

संघवी ने इस अवसर पर कहा, 'अस्पताल में रहते हुए आपने जिस प्रेम और परिश्रम से ये दीये तैयार किए हैं, वे महज मिट्टी के दीये नहीं हैं; वे आपकी खुशी और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं।'

व्यापक सामाजिक संदर्भ

यह पहल 'नशा मुक्त गुजरात, स्वस्थ युवा, सशक्त परिवार' अभियान के संकल्प से जुड़ी है। गौरतलब है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में कलंक की भावना अक्सर मरीजों को रोज़गार के अवसरों से वंचित रखती है। ऐसे में किसी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि द्वारा सीधे बाज़ार में उतरकर इन उत्पादों को बेचना इस धारणा को चुनौती देने का प्रतीकात्मक प्रयास है।

उपस्थित जनप्रतिनिधि

इस अवसर पर परिवहन राज्य मंत्री प्रवीण माली, गांधीनगर नगर निगम के मेयर रूपसिंह ठाकोर, विधायक अल्पेश ठाकोर एवं रीता पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।

आगे की राह

व्यावसायिक पुनर्वास कार्यक्रमों को सार्वजनिक समर्थन और बाज़ार तक पहुँच मिलने से इन मरीजों की आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक ठोस कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इस तरह की पहल भविष्य में अन्य ज़िलों में भी दोहराई जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह दिवाली तक ही सीमित रहता है। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी और सामाजिक कलंक को देखते हुए इस तरह की दृश्यमान राजनीतिक भागीदारी जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है, बशर्ते इसके साथ संसाधनों की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता भी हो।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में क्या किया?
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 6 नवंबर 2026 को गांधीनगर के सेक्टर 21 बाज़ार में स्वयं विक्रेता बनकर अहमदाबाद के सरकारी मानसिक अस्पताल के मरीजों द्वारा बनाए गए 35,000 दीये बेचे। ये दीये लगभग ₹1.90 लाख में बिके।
ये दीये किसने और कहाँ बनाए?
ये मिट्टी के दीये अहमदाबाद के सरकारी मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल के व्यावसायिक चिकित्सा कार्यक्रम के तहत मानसिक बीमारी से उबर रहे मरीजों ने बनाए। अस्पताल में सिलाई, बुनाई, राखी निर्माण, अगरबत्ती बनाना और लकड़ी के सामान बनाने जैसे कौशल भी सिखाए जाते हैं।
इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मानसिक बीमारी से उबर रहे लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और समाज में उनके पुनः एकीकरण को प्रोत्साहित करना है। यह 'नशा मुक्त गुजरात, स्वस्थ युवा, सशक्त परिवार' अभियान का हिस्सा है।
संघवी ने अस्पताल की यात्रा कब की थी?
संघवी ने गुरुवार, 5 नवंबर को अहमदाबाद के सरकारी मानसिक अस्पताल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने मरीजों से बातचीत की, उनके दीये खरीदे और उनके साथ दीप भी जलाए। इसी यात्रा के बाद गांधीनगर में बड़े पैमाने पर बिक्री अभियान आयोजित किया गया।
इस आयोजन में और कौन-कौन शामिल था?
इस अवसर पर परिवहन राज्य मंत्री प्रवीण माली, गांधीनगर नगर निगम के मेयर रूपसिंह ठाकोर, विधायक अल्पेश ठाकोर और रीता पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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