6 नवंबर 2026
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जुबिलेंट फूडवर्क्स का Q2 मुनाफा 42% घटकर ₹108 करोड़, राजस्व ₹2,608 करोड़ पर पहुँचा

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जुबिलेंट फूडवर्क्स का Q2 मुनाफा 42% घटकर ₹108 करोड़, राजस्व ₹2,608 करोड़ पर पहुँचा

सारांश

डोमिनोज पिज्जा की भारतीय संचालक जुबिलेंट फूडवर्क्स का Q2 FY27 मुनाफा 42% गिरकर ₹108 करोड़ पर आया, जबकि राजस्व ₹2,608 करोड़ तक बढ़ा। राजस्व में उछाल के बावजूद EBITDA मार्जिन 80 बेसिस पॉइंट घटकर 19.7% रहा — लागत दबाव का साफ संकेत।

मुख्य बातें

जुबिलेंट फूडवर्क्स का Q2 FY27 शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 41.9% घटकर ₹108 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹186 करोड़ था।
परिचालन राजस्व 11.8% बढ़कर ₹2,608 करोड़ हुआ, फूड सर्विसेज कारोबार की वृद्धि मुख्य कारण।
EBITDA 7.3% बढ़कर ₹513 करोड़ ; लेकिन EBITDA मार्जिन 80 आधार अंक घटकर 19.7% पर आया।
कंपनी सचिव मोना अग्रवाल की नोटिस अवधि 13 नवंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 की गई।
नतीजे 6 नवंबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए घोषित किए गए।

जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड का सितंबर 2026 तिमाही (वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही) में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 41.9 प्रतिशत गिरकर ₹108 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹186 करोड़ था। भारत में डोमिनोज पिज्जा और अन्य क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) ब्रांडों का संचालन करने वाली इस कंपनी ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए यह जानकारी दी।

राजस्व में उछाल, लेकिन मुनाफे पर दबाव

तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 11.8 प्रतिशत बढ़कर ₹2,608 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹2,332 करोड़ था। इस वृद्धि की मुख्य वजह कंपनी के फूड सर्विसेज कारोबार में आई बढ़ोतरी रही। यह ऐसे समय में आया है जब QSR क्षेत्र में उपभोक्ता खर्च और प्रतिस्पर्धा दोनों तेज़ हो रहे हैं।

गौरतलब है कि राजस्व में दोहरे अंकों की वृद्धि के बावजूद मुनाफा तेज़ी से घटा — यह दर्शाता है कि लागत का दबाव आय की रफ़्तार से अधिक रहा।

EBITDA और मार्जिन की स्थिति

कंपनी की ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (EBITDA) सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत बढ़कर ₹513 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹478 करोड़ थी।

हालाँकि, EBITDA मार्जिन 80 आधार अंक घटकर 19.7 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 20.5 प्रतिशत था। मार्जिन में यह संकुचन संकेत देता है कि विस्तार और परिचालन लागत का बोझ कंपनी की लाभप्रदता पर असर डाल रहा है।

कंपनी सचिव की नोटिस अवधि बढ़ाई गई

तिमाही नतीजों के साथ ही जुबिलेंट फूडवर्क्स ने एक अलग एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि कंपनी की सचिव, अनुपालन अधिकारी और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक (KMP) मोना अग्रवाल की नोटिस अवधि बोर्ड के साथ आपसी सहमति से बढ़ा दी गई है।

संशोधित व्यवस्था के तहत अग्रवाल अब 13 नवंबर 2026 के बजाय 31 मार्च 2027 को कारोबारी समय समाप्त होने तक अपने पद पर बनी रहेंगी। कंपनी ने बताया कि यह निर्णय जिम्मेदारियों का व्यवस्थित और सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि 13 अगस्त 2026 को दाखिल की गई जानकारी में बताए गए अन्य सभी विवरण — जिनमें उनके इस्तीफे का कारण भी शामिल है — अपरिवर्तित रहेंगे।

आगे क्या

QSR क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता खर्च पर बदलते रुझानों के बीच जुबिलेंट फूडवर्क्स के लिए आने वाली तिमाहियों में मार्जिन सुधार एक अहम चुनौती बनी रहेगी। विश्लेषक इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या फूड सर्विसेज कारोबार में राजस्व वृद्धि आगे भी जारी रहती है और क्या लागत प्रबंधन में सुधार मुनाफे को सहारा दे पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्विगी जैसे डिलीवरी प्लेटफॉर्म और नए घरेलू ब्रांड लगातार दबाव बना रहे हैं। EBITDA मार्जिन का 19.7% पर आना चिंताजनक है क्योंकि यह लागत प्रबंधन में सुधार की ज़रूरत को रेखांकित करता है। निवेशकों के लिए असली सवाल यह है कि क्या आने वाली तिमाहियों में कंपनी राजस्व वृद्धि को लाभप्रदता में बदल पाएगी।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुबिलेंट फूडवर्क्स का Q2 FY27 में मुनाफा कितना रहा?
जुबिलेंट फूडवर्क्स का सितंबर 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 41.9% घटकर ₹108 करोड़ रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹186 करोड़ था।
मुनाफा गिरने के बावजूद जुबिलेंट फूडवर्क्स का राजस्व क्यों बढ़ा?
कंपनी का परिचालन राजस्व 11.8% बढ़कर ₹2,608 करोड़ हुआ, जिसकी मुख्य वजह फूड सर्विसेज कारोबार में बढ़ोतरी रही। हालाँकि, लागत में वृद्धि राजस्व की रफ़्तार से अधिक रही, जिससे मुनाफे पर दबाव पड़ा।
जुबिलेंट फूडवर्क्स का EBITDA मार्जिन Q2 में कैसा रहा?
कंपनी का EBITDA 7.3% बढ़कर ₹513 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA मार्जिन 80 आधार अंक घटकर 19.7% पर आ गया, जो एक साल पहले 20.5% था। यह लागत दबाव का संकेत है।
मोना अग्रवाल की नोटिस अवधि क्यों बढ़ाई गई?
जुबिलेंट फूडवर्क्स की कंपनी सचिव और KMP मोना अग्रवाल की नोटिस अवधि बोर्ड के साथ आपसी सहमति से बढ़ाई गई है ताकि जिम्मेदारियों का व्यवस्थित हस्तांतरण सुनिश्चित हो सके। वे अब 13 नवंबर 2026 के बजाय 31 मार्च 2027 तक पद पर बनी रहेंगी।
जुबिलेंट फूडवर्क्स भारत में कौन से ब्रांड संचालित करती है?
जुबिलेंट फूडवर्क्स भारत में डोमिनोज पिज्जा सहित अन्य क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) ब्रांडों का संचालन करती है। यह देश की सबसे बड़ी QSR कंपनियों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
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