टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपी फूल सिंह का नाबालिग होने का दावा, मकोका कोर्ट ने 15 दिन में रिपोर्ट माँगी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की एक विशेष मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) कोर्ट ने 6 नवंबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग से जुड़े सभी आरोपियों की पेशी के दौरान एक अप्रत्याशित मोड़ देखा — मुख्य हमलावर माने जा रहे फूल सिंह ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दावा किया कि वह नाबालिग है। कोर्ट ने इस दावे को गंभीरता से लेते हुए 15 दिनों के भीतर उम्र-सत्यापन रिपोर्ट जमा करने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट में क्या हुआ
फूल सिंह ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि गिरफ्तारी के बाद उसे अपने वकील से मिलने का अवसर नहीं दिया गया, जिस कारण वह पहले अपनी उम्र संबंधी जानकारी दर्ज नहीं करा सका। कोर्ट ने इस आपत्ति को रिकॉर्ड पर लिया और आयु-निर्धारण जाँच के आदेश दिए। यदि फूल सिंह नाबालिग साबित होता है, तो मामले की सुनवाई किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत होगी, जो इस केस की दिशा को पूरी तरह बदल सकती है।
आरोपियों की हिरासत का विवरण
कोर्ट ने आरोपी नंबर 1, 2, 6, 7 और 8 को 11 नवंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि जाँच एजेंसियाँ उनसे पूछताछ जारी रख सकें। शेष सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी विशेष मकोका कोर्ट ने आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजा था।
गैंग का वित्तीय नेटवर्क: रिक्शा चालकों और दुकानदारों के खातों का दुरुपयोग
मुंबई क्राइम ब्रांच की जाँच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जाँच के अनुसार, शूटरों तक रकम पहुँचाने के लिए मुंबई के स्थानीय ऑटो-रिक्शा चालकों और छोटे दुकानदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
आरोप है कि शूटर इन लोगों से कमीशन का लालच देकर उनके UPI QR कोड हासिल करते थे। इन कोड की तस्वीरें विदेश में बैठे कथित गैंग गुर्गे अनिल पंडित को भेजी जाती थीं, जो इन्हें अपने छोटे भाई अभिषेक पंडित तक पहुँचाता था। अभिषेक के कथित निर्देश पर उसकी पत्नी सुनेहा पंडित हरियाणा के करनाल से QR कोड स्कैन कर संबंधित खातों में रकम ट्रांसफर करती थी। इसके बाद मुंबई में मौजूद शूटर संबंधित व्यक्ति को कमीशन देकर बाकी नकद रकम खुद ले लेते थे।
अनिल पंडित की भूमिका और निर्देश-श्रृंखला
क्राइम ब्रांच के अनुसार, विदेश में बैठे अनिल पंडित पर आरोप है कि वह मुंबई में तैनात शूटरों — फूल सिंह, रेहान और ऋतिक — को लगातार निर्देश देता था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब जाँच एजेंसियाँ संगठित आपराधिक गिरोहों द्वारा आम नागरिकों के खातों के दुरुपयोग को लेकर पहले से सतर्क हैं। गैंग ने इस पूरे नेटवर्क के ज़रिए अपनी गतिविधियाँ छिपाने और जाँच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की, ऐसा जाँचकर्ताओं का कहना है।
आगे क्या होगा
फूल सिंह की उम्र-सत्यापन रिपोर्ट अगले 15 दिनों में कोर्ट में पेश होनी है, जो मामले की आगे की दिशा तय करेगी। पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपियों की अगली पेशी 11 नवंबर 2026 को होगी। मुंबई क्राइम ब्रांच करनाल से जुड़े वित्तीय लेनदेन की और गहराई से जाँच कर रही है, जिसमें अभिषेक और सुनेहा पंडित की भूमिका की पड़ताल शामिल है।