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सलमान खान ने खारिज किया 'मातृभूमि' स्क्रिप्ट विवाद, बोले — सरकारी दबाव की खबरें बकवास

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सलमान खान ने खारिज किया 'मातृभूमि' स्क्रिप्ट विवाद, बोले — सरकारी दबाव की खबरें बकवास

सारांश

सलमान खान ने 'मातृभूमि' स्क्रिप्ट विवाद पर सीधा जवाब दिया — सरकारी दबाव की बात बकवास है। गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित यह फिल्म दोनों पक्षों के सैनिकों के मानवीय अनुभव पर केंद्रित है, न कि किसी 'नकारात्मक ताकत' पर।

मुख्य बातें

सलमान खान ने 6 नवंबर 2026 को मुंबई में 'मातृभूमि' की स्क्रिप्ट बदलने के सरकारी दबाव की खबरों को 'बकवास' करार दिया।
फिल्म का पुराना शीर्षक 'गलवान' था; यह 15 जून 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है।
गलवान झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए — यह चार दशकों में भारत-चीन के बीच सबसे घातक टकराव था।
सलमान के अनुसार फिल्म में कोई 'नकारात्मक ताकतें' नहीं हैं; यह दोनों पक्षों के सैनिकों के अनुभवों पर केंद्रित है।
भारत और चीन ने वर्तमान में संबंध सुधारे हैं और कूटनीतिक माध्यम खोले हैं।

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने 6 नवंबर 2026 को मुंबई में साफ शब्दों में उन अफवाहों को निराधार बताया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भारत सरकार उन पर आने वाली वॉर ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि' की स्क्रिप्ट बदलने के लिए दबाव डाल रही है। अंधेरी वेस्ट, मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में फिल्म के सह-कलाकारों के साथ उपस्थित खान ने मीडिया के सामने यह सफाई दी।

सलमान का बयान: 'यह सब बकवास है'

मीडिया से बात करते हुए सलमान खान ने कहा, 'यह बात कि हम चीन के खिलाफ जा रहे हैं या हमारी सरकार ने हम पर स्क्रिप्ट बदलने और उसे फिर से लिखने का दबाव डाला है — यह सब बकवास है। इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म दोनों पक्षों के सैनिकों के अनुभवों और उनके परिवारों पर केंद्रित है।

उन्होंने आगे कहा, 'ये सिर्फ परिस्थितियाँ हैं। परिस्थितियाँ नकारात्मक हैं, लेकिन ऐसे समय में इन सैनिकों के लिए उनका देश सबसे पहले आता है। वे एक-दूसरे को पसंद करते हैं, लेकिन जब ऐसी स्थिति आती है तो राष्ट्र सर्वोपरि हो जाता है और दोनों पक्ष इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।'

फिल्म की पृष्ठभूमि: गलवान से 'मातृभूमि' तक

'मातृभूमि' का शीर्षक पहले 'गलवान' था। यह फिल्म 15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुए घातक टकराव पर आधारित है। यह संघर्ष लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चल रहे बड़े सीमा विवाद का हिस्सा था।

गौरतलब है कि यह घटना कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान हुई थी, जब दोनों पक्षों ने विवादित इलाकों में गश्त की कोशिश की और टकराव हिंसक रूप ले बैठा। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए; चीन को भी नुकसान उठाना पड़ा, हालाँकि उसने आधिकारिक आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए।

ऐतिहासिक संदर्भ: चार दशकों का सबसे घातक टकराव

गलवान संघर्ष चार दशकों से भी अधिक समय में भारत और चीन के बीच सबसे घातक सैन्य टकराव था। इस घटना के बाद दोनों देशों ने सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ाई और आगे के संघर्ष को रोकने के लिए राजनयिक बातचीत का सिलसिला शुरू किया। वर्तमान में भारत और चीन ने अपने संबंधों में कुछ हद तक सुधार किया है और कूटनीतिक माध्यमों से कई रास्ते खोले हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में सैन्य और देशभक्ति विषयों पर फिल्में बड़े पैमाने पर बनाई जा रही हैं — जिनमें से कई बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता पाती हैं और साथ ही राजनीतिक संवेदनशीलता का सामना भी करती हैं।

विवाद की जड़: टाइटल बदलने से उठे सवाल

फिल्म का नाम 'गलवान' से बदलकर 'मातृभूमि' किए जाने के बाद से कयासबाज़ी शुरू हो गई थी कि सरकार या संवेदनशील राजनयिक संबंधों के दबाव में यह फैसला लिया गया। आलोचकों का कहना है कि टाइटल परिवर्तन और फिल्म की कथित 'दोनों पक्षों को बराबर दर्शाने' वाली कहानी ने ये सवाल उठाए। सलमान ने इन सभी अटकलों को सिरे से नकारते हुए कहा कि फिल्म में कोई 'नकारात्मक ताकतें' नहीं हैं, बल्कि यह परिस्थितियों और सैनिकों के मानवीय अनुभव पर केंद्रित है।

आगे क्या

'मातृभूमि' की रिलीज़ डेट अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है, लेकिन फिल्म से जुड़ी यह सफाई इसकी प्री-रिलीज़ चर्चा को और तेज़ कर देगी। गलवान जैसे संवेदनशील विषय पर बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ भू-राजनीतिक प्रतिक्रिया की दृष्टि से भी करीबी नज़र से देखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'गलवान' से 'मातृभूमि' तक का नाम-परिवर्तन महज़ ब्रांडिंग थी या कुछ और। बॉलीवुड में यह पहली बार नहीं है जब किसी संवेदनशील भू-राजनीतिक विषय पर बनी फिल्म के शीर्षक और कथ्य को लेकर अटकलें उठी हों। गहरी बात यह है कि जब भारत-चीन संबंध कूटनीतिक सुधार के दौर में हों, तब गलवान जैसी दर्दनाक घटना को परदे पर 'दोनों पक्षों के नज़रिए' से दिखाने का साहसिक दावा करना — व्यावसायिक जोखिम और राष्ट्रीय संवेदनशीलता दोनों को एक साथ साधने की कोशिश है। फिल्म की रिलीज़ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह संतुलन कितना सफल रहा।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलमान खान की फिल्म 'मातृभूमि' किस विषय पर है?
'मातृभूमि' 15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुए घातक सैन्य टकराव पर आधारित एक वॉर ड्रामा फिल्म है। फिल्म का पुराना शीर्षक 'गलवान' था और यह दोनों पक्षों के सैनिकों के मानवीय अनुभवों पर केंद्रित है।
क्या सरकार ने सच में 'मातृभूमि' की स्क्रिप्ट बदलने का दबाव डाला था?
सलमान खान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है और उन्हें 'बकवास' बताया है। उनके अनुसार, इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि सरकार ने स्क्रिप्ट बदलने के लिए कोई दबाव डाला।
गलवान घाटी संघर्ष क्या था?
15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए। यह चार दशकों से अधिक समय में भारत-चीन के बीच सबसे घातक टकराव था।
'मातृभूमि' का पुराना नाम 'गलवान' क्यों बदला गया?
फिल्म का शीर्षक 'गलवान' से बदलकर 'मातृभूमि' किया गया, जिसके बाद सरकारी दबाव या राजनयिक संवेदनशीलता की अटकलें उठीं। हालाँकि सलमान खान ने इन अटकलों को निराधार बताया है; नाम बदलने का आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
'मातृभूमि' कब रिलीज़ होगी?
फिल्म की आधिकारिक रिलीज़ डेट अभी घोषित नहीं हुई है। 6 नवंबर 2026 को मुंबई में हुए एक विशेष कार्यक्रम में सलमान खान और सह-कलाकारों ने शिरकत की, जहाँ यह विवाद सामने आया।
राष्ट्र प्रेस
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