6 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गरुड़ शक्ति 2026: भारत-इंडोनेशिया संयुक्त सैन्य अभ्यास का 12वां संस्करण बान्युवांगी में संपन्न

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गरुड़ शक्ति 2026: भारत-इंडोनेशिया संयुक्त सैन्य अभ्यास का 12वां संस्करण बान्युवांगी में संपन्न

सारांश

गरुड़ शक्ति 2026 महज़ एक रूटीन अभ्यास नहीं था — 48 घंटे के संयुक्त सत्यापन अभ्यास में हेलीकॉप्टर से जंगल में उतरकर दुश्मन शिविर पर हमले ने भारत-इंडोनेशिया स्पेशल फोर्सेज की बढ़ती अंतर-संचालनीयता को साबित किया। 12वाँ संस्करण हिंद-प्रशांत में भारत की 'एक्ट ईस्ट' रणनीति का ज़मीनी प्रमाण है।

मुख्य बातें

गरुड़ शक्ति 2026 का 12वां संस्करण 5 नवंबर 2026 को बान्युवांगी, इंडोनेशिया में संपन्न हुआ।
अभ्यास 27 अक्टूबर से शुरू होकर 11 दिनों तक चला; जंगल, द्वीप और तटीय क्षेत्रों में कठोर प्रशिक्षण दिया गया।
अंतिम चरण में 48 घंटे के संयुक्त सत्यापन अभ्यास के दौरान दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज ने संयुक्त एयर असॉल्ट और एम्बुश का प्रदर्शन किया।
भारत की ओर से पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) , इंडोनेशिया की ओर से इंडोनेशियाई स्पेशल फोर्सेज ने भाग लिया।
समापन समारोह में भारतीय राजदूत संदीप चक्रवर्ती और इंडोनेशियाई सेना के मेजर जनरल प्रिमादी सैफुल सालुन उपस्थित रहे।

भारत-इंडोनेशिया संयुक्त सैन्य अभ्यास गरुड़ शक्ति 2026 का 12वां संस्करण 5 नवंबर 2026 को इंडोनेशिया के बान्युवांगी में समापन समारोह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 27 अक्टूबर से शुरू हुए इस 11 दिवसीय गहन प्रशिक्षण अभ्यास ने दोनों देशों की विशेष सेनाओं के बीच सामरिक तालमेल और युद्ध तैयारी को नई ऊँचाई दी।

अभ्यास की संरचना और प्रशिक्षण

इंडोनेशिया में स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, इस अभ्यास में जंगल, द्वीप और तटीय क्षेत्रों में कठोर परिस्थितियों में प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय दल में पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) के जवान शामिल थे, जबकि इंडोनेशिया की ओर से इंडोनेशियाई स्पेशल फोर्सेज के सैनिकों ने भागीदारी की।

प्रशिक्षण में बाधाओं को पार करना, सटीक निशानेबाज़ी, पर्वतारोहण, हवाई हमले का प्रशिक्षण और युद्ध जैसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष ज़ोर दिया गया। जंगल में विशेष अभियान चलाने की रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं का विस्तृत अभ्यास भी किया गया।

48 घंटे का संयुक्त सत्यापन अभ्यास

अभ्यास का सबसे महत्त्वपूर्ण और अंतिम चरण 48 घंटे का 'संयुक्त सत्यापन अभ्यास' रहा, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं ने विभिन्न युद्ध परिस्थितियों में अपनी संयुक्त क्षमता, तालमेल और लड़ाकू तैयारी का प्रदर्शन किया। दूतावास ने बताया कि इस दौरान भारत और इंडोनेशिया की स्पेशल फोर्सेज ने मिलकर जंगल क्षेत्र में एक काल्पनिक दुश्मन शिविर पर संयुक्त घात (एम्बुश) और हवाई हमला (एयर असॉल्ट) किया।

दोनों देशों की संयुक्त हेलीकॉप्टर टीम लक्ष्य के निकट उतरी और भारी सुरक्षा वाले काल्पनिक दुश्मन शिविर पर सफलतापूर्वक हमला किया। यह परिदृश्य दोनों सेनाओं की अंतर-संचालनीयता (इंटरऑपरेबिलिटी) की व्यावहारिक परीक्षा था।

समापन समारोह में गणमान्य अतिथि

बान्युवांगी में आयोजित समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इंडोनेशियाई सेना के मेजर जनरल प्रिमादी सैफुल सालुन सम्मानित अतिथि थे। दोनों देशों की सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी और अभ्यास में भाग लेने वाले सैनिक भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

रक्षा सहयोग का व्यापक संदर्भ

भारत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज के बीच आपसी समझ, सहयोग और साझा अभियान क्षमता को सुदृढ़ करना है। गौरतलब है कि गरुड़ शक्ति श्रृंखला का यह 12वां संस्करण है, जो भारत-इंडोनेशिया रक्षा सहयोग की निरंतरता और गहराई को रेखांकित करता है।

दूतावास ने कहा कि इस अभ्यास के सफल समापन से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध, आपसी भरोसा और सैन्य सहयोग को मज़बूत करने की साझा प्रतिबद्धता और अधिक दृढ़ हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सामरिक साझेदारियों को सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है।

क्या होगा आगे

गरुड़ शक्ति जैसे नियमित द्विपक्षीय अभ्यास भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' के अंतर्गत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ सैन्य जुड़ाव की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। आने वाले वर्षों में इस श्रृंखला के और विस्तृत होने की उम्मीद है, जिसमें समुद्री और साइबर युद्ध के आयाम भी जुड़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नियमित सैन्य अभ्यासों में ठोस रूप ले रही है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती मुखरता के बीच भारत-इंडोनेशिया स्पेशल फोर्सेज की बढ़ती अंतर-संचालनीयता रणनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। हालाँकि, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये अभ्यास समुद्री सुरक्षा और साइबर युद्ध जैसे उभरते क्षेत्रों को भी समेट पाएँगे। फ़िलहाल, यह श्रृंखला दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की सामरिक विश्वसनीयता का एक स्थिर, मापनीय संकेतक बन चुकी है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गरुड़ शक्ति 2026 अभ्यास क्या है?
गरुड़ शक्ति भारत और इंडोनेशिया के बीच आयोजित होने वाला वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसका 12वां संस्करण 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक इंडोनेशिया के बान्युवांगी में आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज ने जंगल, द्वीप और तटीय क्षेत्रों में संयुक्त प्रशिक्षण लिया।
गरुड़ शक्ति 2026 में किन सेनाओं ने भाग लिया?
भारत की ओर से पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) के जवानों ने और इंडोनेशिया की ओर से इंडोनेशियाई स्पेशल फोर्सेज के सैनिकों ने इस अभ्यास में भाग लिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं की साझा अभियान क्षमता को बढ़ाना था।
48 घंटे का संयुक्त सत्यापन अभ्यास क्या था?
यह अभ्यास का अंतिम और सबसे महत्त्वपूर्ण चरण था, जिसमें दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज ने जंगल में एक काल्पनिक दुश्मन शिविर पर संयुक्त घात (एम्बुश) और हवाई हमला (एयर असॉल्ट) किया। संयुक्त हेलीकॉप्टर टीम लक्ष्य के निकट उतरकर भारी सुरक्षा वाले शिविर पर हमले में सफल रही।
गरुड़ शक्ति अभ्यास भारत-इंडोनेशिया संबंधों के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यह अभ्यास भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ सैन्य जुड़ाव का अहम हिस्सा है। दूतावास के अनुसार, इससे दोनों देशों के रक्षा संबंध, आपसी भरोसा और क्षेत्रीय सुरक्षा में साझेदारी को बल मिलता है।
गरुड़ शक्ति 2026 के समापन समारोह में कौन उपस्थित थे?
समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती मुख्य अतिथि और इंडोनेशियाई सेना के मेजर जनरल प्रिमादी सैफुल सालुन सम्मानित अतिथि थे। दोनों देशों की सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी और भाग लेने वाले सैनिक भी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले