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गरुड़शक्ति-2026: पूर्वी जावा के जंगलों में भारत-इंडोनेशिया विशेष बलों का 48 घंटे का अंतिम सत्यापन अभ्यास

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गरुड़शक्ति-2026: पूर्वी जावा के जंगलों में भारत-इंडोनेशिया विशेष बलों का 48 घंटे का अंतिम सत्यापन अभ्यास

सारांश

पूर्वी जावा के घने जंगलों में भारत-इंडोनेशिया के विशेष बल 48 घंटे के अंतिम सत्यापन परीक्षण में उतरे हैं। गरुड़शक्ति-2026 का यह 12वाँ संस्करण दोनों देशों की संयुक्त युद्धक क्षमता, हेलीकॉप्टर तैनाती और स्नाइपर कौशल को वास्तविक परिस्थितियों में परखेगा।

मुख्य बातें

गरुड़शक्ति-2026 के आठवें दिन पूर्वी जावा के जंगलों में अंतिम सत्यापन अभ्यास शुरू हुआ।
यह 48 घंटे से अधिक चलने वाला परीक्षण है, जिसमें भारतीय और इंडोनेशियाई दोनों विशेष बल शामिल हैं।
अभ्यास में युद्धक निशानेबाजी , हेलीकॉप्टर से तैनाती , स्नाइपर फायरिंग और पर्वतीय युद्ध कौशल की परीक्षा होगी।
इससे पहले बान्युवांगी में संयुक्त फायरिंग अभ्यास सम्पन्न हुआ।
यह गरुड़शक्ति श्रृंखला का 12वाँ संस्करण है, जो भारत-इंडोनेशिया के दीर्घकालिक रक्षा सहयोग को दर्शाता है।

भारत और इंडोनेशिया के विशेष बल पूर्वी जावा के दुर्गम और घने जंगलों में संयुक्त सैन्य अभ्यास 'गरुड़शक्ति-2026' के आठवें दिन अंतिम सत्यापन चरण में उतर गए हैं। यह 48 घंटे से अधिक चलने वाला परीक्षण दोनों देशों के सैनिकों की युद्धक क्षमता, सामरिक समन्वय और दबाव में निर्णय लेने की परिपक्वता को कसौटी पर परखेगा। गरुड़शक्ति का यह 12वाँ संस्करण भारत-इंडोनेशिया रक्षा सहयोग की अब तक की सबसे जटिल संयुक्त कवायद माना जा रहा है।

अंतिम सत्यापन अभ्यास में क्या है

इस चरण में भारतीय सेना और इंडोनेशियाई सेना के विशेष बल बीते एक सप्ताह में अर्जित कौशल को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में सिद्ध करेंगे। अभ्यास के अंतर्गत युद्धक निशानेबाजी, पर्वतीय युद्ध कौशल, हेलीकॉप्टर से सैनिकों की तैनाती, गश्त और दुश्मन की गतिविधियों की पहचान जैसे बहुस्तरीय कार्यों का परीक्षण किया जाएगा।

घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जवानों को न केवल अपनी व्यक्तिगत दक्षता, बल्कि दूसरे देश के सैनिकों के साथ सहज तालमेल का भी प्रदर्शन करना होगा। इस परीक्षण में शारीरिक सहनशक्ति, सामरिक समन्वय और दबाव में त्वरित निर्णय-क्षमता को विशेष रूप से परखा जाएगा।

बान्युवांगी में संयुक्त फायरिंग अभ्यास

इससे पहले के चरणों में दोनों देशों के विशेष बलों ने इंडोनेशिया के बान्युवांगी में संयुक्त फायरिंग अभ्यास किया। इसमें सैनिकों ने युद्धक निशानेबाजी, तेजी से स्थिति बदलकर फायरिंग और स्नाइपर फायरिंग का प्रशिक्षण लिया।

इस अभ्यास में विशेष जोर इस बात पर दिया गया कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में सैनिक कितनी तेजी से लक्ष्य चिह्नित करते हैं और कितनी सटीकता से उसे निशाना बनाते हैं। यह ऐसे समय में अहम है जब दोनों देश अपने-अपने क्षेत्रों में जंगल-आधारित उग्रवाद-विरोधी अभियानों की चुनौतियों का सामना करते रहे हैं।

अभ्यास का रणनीतिक महत्व

गरुड़शक्ति-2026 का मूल उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कौशल का परीक्षण नहीं है। इसका व्यापक लक्ष्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच संयुक्त रूप से जटिल और चुनौतीपूर्ण अभियान संचालित करने की क्षमता को सुदृढ़ करना है। यह अभ्यास भारत और इंडोनेशिया के बीच आतंकवाद विरोधी अभियानों और उग्रवाद-रोधी रणनीतियों में परस्पर सहयोग की नींव को मजबूत करता है।

गौरतलब है कि यह गरुड़शक्ति श्रृंखला का 12वाँ संस्करण है, जो दर्शाता है कि दोनों देशों ने एक दशक से अधिक समय से रक्षा क्षेत्र में संस्थागत सहयोग बनाए रखा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता के संदर्भ में यह अभ्यास इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की गहराई का संकेत भी देता है।

आगे क्या

48 घंटे के इस अंतिम सत्यापन चरण के पूरा होने के बाद दोनों देशों के विशेष बलों के संयुक्त अभ्यास का औपचारिक समापन होगा। इस अभ्यास के दौरान साझा की गई सामरिक जानकारियाँ और संयुक्त संचालन का अनुभव भविष्य में दोनों सेनाओं के बीच और अधिक उन्नत अभ्यासों की राह तैयार करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ऑपरेशनल स्तर पर भी संबोधित कर रहे हैं। हालाँकि मुख्यधारा की कवरेज प्रायः ऐसे अभ्यासों को रस्मी मानती है, पर बान्युवांगी की फायरिंग रेंज से पूर्वी जावा के घने जंगलों तक का यह क्रमिक विकास दर्शाता है कि दोनों सेनाएँ साझा रणनीतिक भाषा विकसित कर रही हैं।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गरुड़शक्ति-2026 क्या है?
गरुड़शक्ति भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों के बीच होने वाला द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास है। 2026 का यह 12वाँ संस्करण पूर्वी जावा और बान्युवांगी में आयोजित हो रहा है, जिसमें जंगल युद्ध, आतंकवाद-रोधी और संयुक्त फायरिंग जैसे कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अंतिम सत्यापन अभ्यास में क्या-क्या परखा जाएगा?
48 घंटे से अधिक चलने वाले इस चरण में युद्धक निशानेबाजी, पर्वतीय युद्ध कौशल, हेलीकॉप्टर से सैनिकों की तैनाती, गश्त और दुश्मन की गतिविधियों की पहचान जैसे कौशलों की परीक्षा होगी। इसके साथ ही सैनिकों की शारीरिक सहनशक्ति और दबाव में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी परखी जाएगी।
बान्युवांगी में क्या हुआ था?
बान्युवांगी में दोनों देशों के विशेष बलों ने संयुक्त फायरिंग अभ्यास किया, जिसमें युद्धक निशानेबाजी, तेजी से स्थिति बदलकर फायरिंग और स्नाइपर फायरिंग का प्रशिक्षण शामिल था। इसमें खास तौर पर लक्ष्य पहचानने की गति और निशाने की सटीकता को मापा गया।
यह अभ्यास भारत-इंडोनेशिया संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
गरुड़शक्ति दोनों देशों के बीच एक दशक से अधिक पुराने संस्थागत रक्षा सहयोग का प्रतीक है। यह अभ्यास दोनों सेनाओं को संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए तैयार करता है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की आसियान देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।
गरुड़शक्ति-2026 का यह कौन सा संस्करण है?
यह गरुड़शक्ति श्रृंखला का 12वाँ संस्करण है। इस वर्ष का अभ्यास पूर्वी जावा के घने जंगलों में हो रहा है, जो अब तक के संस्करणों में सबसे जटिल सत्यापन परिदृश्य माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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