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गरुड़ शक्ति-2026: भारत-इंडोनेशिया विशेष बलों ने बन्युवांगी में 48 घंटे का जंगल युद्धाभ्यास पूरा किया

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गरुड़ शक्ति-2026: भारत-इंडोनेशिया विशेष बलों ने बन्युवांगी में 48 घंटे का जंगल युद्धाभ्यास पूरा किया

सारांश

'गरुड़ शक्ति-2026' महज एक सालाना रस्म नहीं था — 48 घंटे का अविराम जंगल युद्धाभ्यास, ड्रोन निगरानी और हेलीकॉप्टर अवतरण के साथ यह अभ्यास का 11वाँ और अब तक का सबसे गहन संस्करण बन गया, जो भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति को ज़मीन पर मूर्त रूप देता है।

मुख्य बातें

गरुड़ शक्ति-2026 भारत-इंडोनेशिया संयुक्त विशेष बल अभ्यास का 11वाँ संस्करण था, जो इंडोनेशिया के बन्युवांगी में आयोजित हुआ।
अभ्यास के अंतिम चरण में दोनों देशों के जवानों ने लगातार 48 घंटे तक जंगल में युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभियान चलाए।
प्रशिक्षण में हेलीकॉप्टर अवतरण , ड्रोन निगरानी , सटीक निशानेबाजी , पर्वतीय अभियान और दुश्मन के निशान पहचानने की तकनीकें शामिल रहीं।
इसमें भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) और इंडोनेशियाई विशेष बलों के जवानों ने भाग लिया।
समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत और इंडोनेशियाई सेना के डिवीजन-2 कमांडर उपस्थित रहे।
अभ्यास ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक साझेदारी को और सुदृढ़ किया।

भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास 'गरुड़ शक्ति-2026' के 11वें संस्करण को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। अभ्यास के निर्णायक चरण में दोनों देशों के जवानों ने इंडोनेशिया के बन्युवांगी के घने जंगलों में लगातार 48 घंटे तक युद्ध जैसी वास्तविक परिस्थितियों में संयुक्त अभियान चलाए। इस अभ्यास में भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) और इंडोनेशिया के विशेष बलों के जवानों ने भाग लिया।

मुख्य प्रशिक्षण गतिविधियाँ

अभ्यास के दौरान सैनिकों ने घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में विविध सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया। सटीक निशानेबाजी, पर्वतीय अभियान, बाधाओं को पार करना, हेलीकॉप्टर से त्वरित अवतरण, सामरिक गश्त और दुश्मन की गतिविधियों के निशान पहचानकर पीछा करने जैसी जटिल तकनीकें इस प्रशिक्षण का हिस्सा रहीं।

हेलीकॉप्टर अवतरण अभ्यास में हवाई हमले की पूरी प्रक्रिया को दोहराया गया — सैनिकों को तेज़ी से निर्धारित स्थान पर उतारने से लेकर, अवतरण क्षेत्र को सुरक्षित करने और घने जंगलों में सामरिक गश्त के साथ सौंपे गए मिशन को अंजाम देने तक।

ड्रोन तकनीक और वन-निगरानी प्रशिक्षण

सामरिक अभियानों को अत्याधुनिक बनाने के लिए जवानों को ड्रोन के जरिए निगरानी और टोह लेने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, जमीन पर मौजूद निशानों, मिट्टी में आए बदलावों और अन्य पर्यावरणीय संकेतों की पहचान कर किसी व्यक्ति या दल की आवाजाही का पता लगाने की तकनीक भी सिखाई गई।

यह प्रशिक्षण जवानों को अपने परिवेश का अधिक सटीक विश्लेषण करने और अभियान से जुड़ी खुफिया जानकारी तेज़ी से जुटाने में सक्षम बनाता है।

48 घंटे का सत्यापन युद्धाभ्यास

अभ्यास का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण चरण 48 घंटे का सत्यापन युद्धाभ्यास रहा, जिसमें पूर्ववर्ती सात दिनों के दौरान अर्जित समस्त कौशल को वास्तविक अभियान जैसी परिस्थितियों में परखा गया। इस दौरान सैनिकों की शारीरिक सहनशक्ति, आपसी समन्वय और संयुक्त मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने की क्षमता का व्यापक आकलन किया गया।

गश्त, दुश्मन के निशानों का पीछा, पर्वतीय अभियान और विशेष बलों से जुड़े अन्य कार्यों में दक्षता का मूल्यांकन लगातार 48 घंटों तक बिना विराम के चला।

समापन समारोह और द्विपक्षीय संदेश

समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत और इंडोनेशियाई सेना के डिवीजन-2 के कमांडर उपस्थित रहे। अभ्यास के सभी निर्धारित प्रशिक्षण उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

गौरतलब है कि 'गरुड़ शक्ति' श्रृंखला दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ है। यह अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब भारत अपनी इंडो-पैसिफिक रणनीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ सैन्य एवं कूटनीतिक संबंधों को लगातार प्रगाढ़ कर रहा है।

आगे क्या

'गरुड़ शक्ति-2026' ने दोनों देशों के विशेष बलों के बीच पेशेवर संबंधों को और सुदृढ़ किया है। इस अभ्यास के ज़रिए जवानों को एक-दूसरे की युद्धक तकनीकों और अनुभवों को आत्मसात करने का अवसर मिला, जो भविष्य के संयुक्त अभियानों की नींव तैयार करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इन अभ्यासों की वास्तविक परीक्षा इसी में है कि क्या ये साझा प्रोटोकॉल और परस्पर विश्वास के स्तर तक पहुँचते हैं जो किसी वास्तविक संकट में साझा कार्रवाई को सक्षम बना सके।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गरुड़ शक्ति-2026 क्या है?
गरुड़ शक्ति भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों के बीच होने वाला वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। वर्ष 2026 में इसका 11वाँ संस्करण इंडोनेशिया के बन्युवांगी में आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों के जवानों ने 48 घंटे का गहन जंगल युद्धाभ्यास पूरा किया।
इस अभ्यास में कौन-कौन सी सैन्य गतिविधियाँ शामिल थीं?
अभ्यास में सटीक निशानेबाजी, हेलीकॉप्टर से त्वरित अवतरण, पर्वतीय अभियान, ड्रोन के जरिए निगरानी और टोह, दुश्मन के निशान पहचानकर पीछा करना, तथा सामरिक गश्त जैसी गतिविधियाँ शामिल रहीं। सभी कौशल को 48 घंटे के सत्यापन युद्धाभ्यास में परखा गया।
इस अभ्यास में भारत की ओर से कौन-सी इकाई शामिल हुई?
भारत की ओर से इस अभ्यास में भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) के जवानों ने भाग लिया। इंडोनेशिया की ओर से इंडोनेशियाई सेना के विशेष बलों के सैनिक शामिल थे।
गरुड़ शक्ति-2026 का आयोजन कहाँ हुआ और समापन समारोह में कौन उपस्थित रहे?
यह अभ्यास इंडोनेशिया के बन्युवांगी में आयोजित किया गया। समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत और इंडोनेशियाई सेना के डिवीजन-2 के कमांडर उपस्थित रहे।
यह अभ्यास भारत-इंडोनेशिया रक्षा संबंधों के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
'गरुड़ शक्ति' श्रृंखला दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का एक प्रमुख स्तंभ है। यह अभ्यास भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अंतर-संचालनीयता और साझा सैन्य क्षमता को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
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