हरमनप्रीत सिंह की 250 गोल की दहलीज, भारत ने जापान को 4-1 से हराकर जीती एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में भारत ने 6 नवंबर 2026 को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में जापान को 4-1 से हराकर हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 का खिताब अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए भारत ने अपने सभी 7 मैच जीते और रिकॉर्ड छठी बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
टूर्नामेंट में भारत का दबदबा
भारत ने पूरे आयोजन में अपराजित रहते हुए जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में लीग चरण के 5 मैच और मोहाली में सेमीफाइनल व फाइनल खेले। जालंधर में बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 की ऐतिहासिक जीत से लेकर मलेशिया के खिलाफ 4-2 के कड़े मुकाबले तक, भारत ने हर मैच में अपना वर्चस्व कायम रखा। ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में मलेशिया ने साउथ कोरिया को 5-2 से पराजित कर तीसरा स्थान हासिल किया।
हरमनप्रीत सिंह का ऐतिहासिक मील का पत्थर
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह टूर्नामेंट में 10 गोल के साथ 'टॉप स्कोरर' और 'बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' घोषित किए गए। इस टूर्नामेंट में उनके 10वें गोल के साथ उनके सीनियर इंटरनेशनल करियर में कुल गोलों की संख्या 250 के अहम मुकाम पर पहुँच गई — जो भारतीय हॉकी इतिहास में एक असाधारण उपलब्धि है। गौरतलब है कि यह 2023 और 2024 के खिताब के बाद भारत की लगातार तीसरी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीत है।
गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक की दीवार
गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को 'टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' चुना गया। मलेशिया और साउथ कोरिया के खिलाफ लीग मैचों में पेनाल्टी कॉर्नर के निर्णायक क्षणों में उनकी असाधारण रक्षा-पंक्ति ने भारत को पूरे टूर्नामेंट में अजेय बनाए रखा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारी में जुटी है।
पंजाब की मेजबानी — विश्व हॉकी के मंच पर नई पहचान
मुख्यमंत्री भगवंत मान के दृष्टिकोण को साकार करते हुए पंजाब के दोनों स्टेडियमों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब प्रशंसा बटोरी। मोहाली का ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में वैश्विक खेल मंच पर छा गया। खचाखच भरे स्टेडियम, विश्व स्तरीय सुविधाएँ और शानदार आयोजन ने पूरे एशिया की टीमों, अधिकारियों व प्रशंसकों से भरपूर तारीफ हासिल की।
विशेषज्ञों का मानना है कि जालंधर और मोहाली की इस सफल मेजबानी ने वर्ल्ड कप 2030 के आयोजन के लिए पंजाब के दावे को और मजबूत कर दिया है। भारतीय हॉकी की यह दोहरी जीत — मैदान पर और मेजबानी में — आने वाले समय में देश की हॉकी-शक्ति का ठोस सबूत है।