तेलंगाना पुलिस का 'फिटकॉप' ऐप: 90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की होगी डिजिटल निगरानी
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना पुलिस विभाग ने 'टीजी फिटकॉप' नामक एक ऐप-आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत राज्य भर के 90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की व्यापक डिजिटल निगरानी की जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीवी. आनंद ने 6 नवंबर 2026 को इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग इसे अगले 30 से 45 दिनों के भीतर लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
क्या है 'टीजी फिटकॉप' पहल
'टीजी फिटकॉप' को 'पुलिस स्वास्थ्य प्रबंधन प्रोफाइल सिस्टम' के रूप में विकसित किया गया है। इस प्रणाली के तहत पुलिसकर्मी एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपने स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियाँ दर्ज कर सकेंगे। राज्य के किसी भी पुलिसकर्मी को इस ऐप तक पहुँचने के लिए केवल अपने मोबाइल फोन नंबर का उपयोग करना होगा।
यह पहल 'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' और अन्य सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर शुरू की जा रही है। डीजीपी आनंद ने कहा कि कठिन ड्यूटी और कार्यक्षेत्र के तनाव के चलते पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पाता और बेहतर जनसेवा के लिए उनका स्वस्थ रहना आवश्यक है।
ऐप में कौन-सी जानकारियाँ होंगी दर्ज
डीजीपी कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह एप्लिकेशन प्रमुख स्वास्थ्य पैमानों पर आँकड़े एकत्र करेगी। इनमें मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), बॉडी मास इंडेक्स (BMI), पहले से मौजूद बीमारियाँ, जीवनशैली की आदतें, शारीरिक गतिविधि स्तर तथा धूम्रपान एवं शराब सेवन की जानकारियाँ शामिल हैं।
इन आँकड़ों के आधार पर पुलिसकर्मियों को कम, मध्यम और उच्च जोखिम वाले तीन समूहों में वर्गीकृत किया जाएगा। यह जोखिम मूल्यांकन उन कर्मियों की पहचान करने में सहायक होगा, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता अथवा नियमित उपचार की आवश्यकता है।
कैसे मिलेगी चिकित्सा सहायता
'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' के संस्थापक सलमान ने बताया कि स्वास्थ्य जोखिम के स्तर के अनुसार एक समर्पित कॉल सेंटर के माध्यम से संबंधित पुलिसकर्मियों से संपर्क किया जाएगा। अधिक ध्यान की ज़रूरत वाले कर्मियों को मेडिकल जाँच, अस्पताल में उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और काउंसलिंग की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
इस प्रणाली का विशेष फोकस किडनी रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर समय रहते उपचार सुनिश्चित करने पर है।
व्यापक लक्ष्य और क्रियान्वयन
'फिटकॉप' का दीर्घकालिक उद्देश्य पुलिस बल में निवारक स्वास्थ्य देखभाल की संस्कृति विकसित करना और बीमारियों के गंभीर रूप लेने से पहले ही हस्तक्षेप करना है। इस कार्यक्रम को तेलंगाना पुलिस की सभी इकाइयों और विंग्स तक पहुँचाया जाएगा।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस बलों में कार्यभार-जनित स्वास्थ्य समस्याएँ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रही हैं। डीजीपी सीवी. आनंद ने उम्मीद जताई कि 'फिटकॉप' पुलिसकर्मियों की समग्र भलाई सुनिश्चित करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्थागत व्यवस्था सिद्ध होगी। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, 'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' के प्रतिनिधि और अन्य सहयोगी संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे।