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तेलंगाना पुलिस का 'फिटकॉप' ऐप: 90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की होगी डिजिटल निगरानी

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तेलंगाना पुलिस का 'फिटकॉप' ऐप: 90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की होगी डिजिटल निगरानी

सारांश

तेलंगाना पुलिस के 90,000 से अधिक कर्मियों के लिए 'टीजी फिटकॉप' ऐप अगले 30-45 दिनों में लॉन्च होगा। डायबिटीज, हाइपरटेंशन और BMI जैसे पैमानों पर आधारित यह प्रणाली पुलिसकर्मियों को जोखिम-स्तर के अनुसार वर्गीकृत कर समय पर चिकित्सा सहायता देगी।

मुख्य बातें

तेलंगाना पुलिस ने 'टीजी फिटकॉप' नाम की ऐप-आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली शुरू करने की घोषणा की।
90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को इस प्रणाली के तहत कवर किया जाएगा; अगले 30-45 दिनों में लागू होने की योजना।
ऐप डायबिटीज, हाइपरटेंशन, BMI सहित जीवनशैली संबंधी आँकड़े एकत्र करेगा।
कर्मियों को कम, मध्यम और उच्च जोखिम श्रेणियों में बाँटकर समर्पित कॉल सेंटर के ज़रिए चिकित्सा सहायता दी जाएगी।
पहल 'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' के सहयोग से शुरू की जा रही है; डीजीपी सीवी.
आनंद ने इसकी घोषणा की।

तेलंगाना पुलिस विभाग ने 'टीजी फिटकॉप' नामक एक ऐप-आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत राज्य भर के 90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की व्यापक डिजिटल निगरानी की जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीवी. आनंद ने 6 नवंबर 2026 को इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग इसे अगले 30 से 45 दिनों के भीतर लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है।

क्या है 'टीजी फिटकॉप' पहल

'टीजी फिटकॉप' को 'पुलिस स्वास्थ्य प्रबंधन प्रोफाइल सिस्टम' के रूप में विकसित किया गया है। इस प्रणाली के तहत पुलिसकर्मी एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपने स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियाँ दर्ज कर सकेंगे। राज्य के किसी भी पुलिसकर्मी को इस ऐप तक पहुँचने के लिए केवल अपने मोबाइल फोन नंबर का उपयोग करना होगा।

यह पहल 'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' और अन्य सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर शुरू की जा रही है। डीजीपी आनंद ने कहा कि कठिन ड्यूटी और कार्यक्षेत्र के तनाव के चलते पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पाता और बेहतर जनसेवा के लिए उनका स्वस्थ रहना आवश्यक है।

ऐप में कौन-सी जानकारियाँ होंगी दर्ज

डीजीपी कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह एप्लिकेशन प्रमुख स्वास्थ्य पैमानों पर आँकड़े एकत्र करेगी। इनमें मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), बॉडी मास इंडेक्स (BMI), पहले से मौजूद बीमारियाँ, जीवनशैली की आदतें, शारीरिक गतिविधि स्तर तथा धूम्रपान एवं शराब सेवन की जानकारियाँ शामिल हैं।

इन आँकड़ों के आधार पर पुलिसकर्मियों को कम, मध्यम और उच्च जोखिम वाले तीन समूहों में वर्गीकृत किया जाएगा। यह जोखिम मूल्यांकन उन कर्मियों की पहचान करने में सहायक होगा, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता अथवा नियमित उपचार की आवश्यकता है।

कैसे मिलेगी चिकित्सा सहायता

'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' के संस्थापक सलमान ने बताया कि स्वास्थ्य जोखिम के स्तर के अनुसार एक समर्पित कॉल सेंटर के माध्यम से संबंधित पुलिसकर्मियों से संपर्क किया जाएगा। अधिक ध्यान की ज़रूरत वाले कर्मियों को मेडिकल जाँच, अस्पताल में उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और काउंसलिंग की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।

इस प्रणाली का विशेष फोकस किडनी रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर समय रहते उपचार सुनिश्चित करने पर है।

व्यापक लक्ष्य और क्रियान्वयन

'फिटकॉप' का दीर्घकालिक उद्देश्य पुलिस बल में निवारक स्वास्थ्य देखभाल की संस्कृति विकसित करना और बीमारियों के गंभीर रूप लेने से पहले ही हस्तक्षेप करना है। इस कार्यक्रम को तेलंगाना पुलिस की सभी इकाइयों और विंग्स तक पहुँचाया जाएगा।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस बलों में कार्यभार-जनित स्वास्थ्य समस्याएँ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रही हैं। डीजीपी सीवी. आनंद ने उम्मीद जताई कि 'फिटकॉप' पुलिसकर्मियों की समग्र भलाई सुनिश्चित करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्थागत व्यवस्था सिद्ध होगी। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, 'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' के प्रतिनिधि और अन्य सहयोगी संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस पर नीति में अभी स्पष्टता नहीं है। यदि क्रियान्वयन सफल रहा, तो यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'टीजी फिटकॉप' पहल क्या है?
'टीजी फिटकॉप' तेलंगाना पुलिस विभाग की एक ऐप-आधारित 'पुलिस स्वास्थ्य प्रबंधन प्रोफाइल सिस्टम' है, जिसके तहत राज्य के 90,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की डिजिटल निगरानी की जाएगी। पुलिसकर्मी मोबाइल नंबर के ज़रिए ऐप पर अपनी स्वास्थ्य जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
'फिटकॉप' कब तक लागू होगा?
विभाग इस कार्यक्रम को अगले 30 से 45 दिनों के भीतर लागू करने की कार्ययोजना पर काम कर रहा है। डीजीपी सीवी. आनंद ने 6 नवंबर 2026 को इसकी घोषणा की।
फिटकॉप ऐप में कौन-सी स्वास्थ्य जानकारियाँ दर्ज होंगी?
ऐप डायबिटीज, हाइपरटेंशन, बॉडी मास इंडेक्स, पहले से मौजूद बीमारियाँ, शारीरिक गतिविधि स्तर तथा धूम्रपान और शराब सेवन की जानकारियाँ एकत्र करेगा। इन आँकड़ों के आधार पर कर्मियों को कम, मध्यम और उच्च जोखिम श्रेणियों में बाँटा जाएगा।
उच्च जोखिम वाले पुलिसकर्मियों को कैसी सहायता मिलेगी?
'हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन' द्वारा संचालित एक समर्पित कॉल सेंटर के ज़रिए उच्च जोखिम वाले कर्मियों से संपर्क किया जाएगा। उन्हें मेडिकल जाँच, अस्पताल उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और काउंसलिंग की सुविधाएँ दी जाएँगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
फिटकॉप का मुख्य लक्ष्य किडनी रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करना और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना है। इसे तेलंगाना पुलिस की सभी इकाइयों और विंग्स तक विस्तारित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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