क्या पीएम कुसुम योजना से पंचमहल के किसानों की खेती में सुधार हुआ है?

सारांश
Key Takeaways
- पीएम कुसुम योजना किसानों के लिए लाभकारी है।
- सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई से आय में वृद्धि हुई है।
- सोलर पंप ने सिंचाई की कठिनाइयों को दूर किया है।
- सरकार ने मार्च २०१९ में इस योजना की शुरुआत की।
- किसानों के लिए यह योजना पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।
पंचमहल, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए कई योजनाएँ लागू कर रही है। इनमें से एक है पीएम कुसुम योजना, जिसका लाभ लेकर किसान उन्नत खेती कर रहे हैं। गुजरात के पंचमहल के किसान भाविक पटेल ने इस योजना से काफी लाभ उठाया है।
भारत के विभिन्न राज्यों में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणालियों को अपनाने से न केवल किसानों को सिंचाई में सहायता मिली है, बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के माध्यम से सोलर पंप की स्थापना ने किसानों को डीजल और बिजली की लागत से मुक्ति दिलाई है।
भाविक पटेल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि उन्होंने आठ साल पहले सोलर पंप स्थापित किया था। पहले उन्हें दूसरे के कुएं से पानी लाना पड़ता था, जिससे खेतों में पाइप लाइन से पानी पहुंचाने में कई समस्याएँ आती थीं। सोलर पंप लगाने के बाद उन्हें बहुत सुविधा मिली है और खेतों तक पानी पहुंचाने में कोई दिक्कत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि पहले जब पंप नहीं था, तो रात के समय सिंचाई में कठिनाई होती थी। अब समय पर फसलों को पानी मिलने से उनकी खेती में सुधार हुआ है। सोलर पंप लगाने से बिजली के खर्चे में भी बचत हो रही है।
किसान भाविक पटेल ने अन्य किसानों से इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपील की है।
गुजरात में अब तक लाखों की संख्या में सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे सिंचाई की सुविधा में सुधार हुआ है।
गौरतलब है कि सरकार ने मार्च २०१९ में पीएम-कुसुम योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य किसानों को ऊर्जा और जल सुरक्षा प्रदान करना, उनकी आय बढ़ाना, कृषि क्षेत्र को डीजल मुक्त करना और पर्यावरण प्रदूषण को कम करना है।