भारत के लिए खाड़ी देशों से उड़ानों में हो रही है बेतहाशा वृद्धि
सारांश
Key Takeaways
- खाड़ी देशों से भारत की ओर उड़ानों में तेजी से वृद्धि।
- यूएई, सऊदी अरब और ओमान के एयरपोर्ट्स से कई उड़ानें।
- कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस बंद, फिर भी उड़ानें संचालित।
- ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों की घर वापसी।
- भारतीय दूतावास लगातार सुरक्षा और सहायता प्रदान कर रहा है।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। खाड़ी देशों से भारत की ओर जाने वाली उड़ानों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। यूएई, सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न एयरपोर्ट से विमान देश के अनेक शहरों के लिए उड़ान भरने लगे हैं। यह जानकारी रविवार को सरकार द्वारा साझा की गई।
सरकार के अनुसार, रविवार को 90 नॉन-शेड्यूल उड़ानों के यूएई से भारत आने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब और ओमान के कई एयरपोर्ट्स से भी विमान भारत की ओर उड़ान भर रहे हैं। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जिससे लगभग 8-10 उड़ानें भारत आने की संभावना है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस बंद होने के बावजूद, दम्माम (सऊदी अरब) के माध्यम से भारत के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। ईरान से यात्रा आर्मेनिया और अजरबैजान के मार्ग से की जा रही है।
इसी प्रकार, इजरायल से भारत के लिए यात्रा मिस्र और जॉर्डन के रास्ते सुगम बनाई गई है, जबकि इराक से भारत की यात्रा जॉर्डन और सऊदी अरब के मार्ग से की जा रही है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि ओमान के तट पर एक जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले एक भारतीय नाविक का शव भारत वापस लाया गया है, और शोक संतप्त परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास और भारतीय समुदाय लगातार संपर्क में हैं, उनकी सुरक्षा के लिए सहायता प्रदान करने और आवश्यक सलाह जारी करने का कार्य किया जा रहा है।
ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरे शनिवार को स्वदेश लौट आए। तेहरान स्थित दूतावास ने उन्हें दक्षिण ईरान से आर्मेनिया पहुँचाने में मदद की, जहाँ से उन्होंने चेन्नई के लिए उड़ान भरी।
विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर नज़र रख रहा है, और एक समर्पित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा भारतीय दूतावासों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
भारतीय दूतावास और दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं, सलाह जारी कर रहे हैं और भारतीय समुदाय के संगठनों, कंपनियों एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर रहे हैं। इसमें वीजा, कांसुलर सेवाएँ, पारगमन सुविधा और लॉजिस्टिक्स सहायता शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि दूतावास जहाजों पर तैनात भारतीय चालक दल से निरंतर संपर्क में हैं, उन्हें कांसुलर सहायता प्रदान कर रहे हैं, परिवार से संपर्क स्थापित करने में मदद कर रहे हैं और वापसी के अनुरोधों में सहयोग कर रहे हैं।