क्या ग्वालियर मेले में ऑटोमोबाइल में छूट से व्यापार को गति मिलेगी: ज्योतिरादित्य सिंधिया?
सारांश
Key Takeaways
- मोटरयान कर में 50% छूट
- ग्वालियर व्यापार मेला को नई गति मिलेगी
- स्थानीय व्यापारियों के लिए लाभकारी
- उज्जैन व्यापार मेला भी शामिल
- आर्थिक पहचान को बढ़ावा
भोपाल, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल ने ग्वालियर और उज्जैन के व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल बिक्री पर मोटरयान कर में ५० प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस छूट से ग्वालियर मेले में व्यापार को नई गति मिलेगी।
वास्तव में, मंगलवार को मोहन यादव मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें ग्वालियर व्यापार मेला-२०२६ और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-२०२६ में ऑटोमोबाइल बिक्री पर मोटरयान कर में ५० प्रतिशत छूट देने की स्वीकृति दी गई। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस फैसले को सराहनीय बताया और मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। इससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और आम जनता को सीधा लाभ होगा।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि १९०५ में महाराजा माधवराव सिंधिया द्वारा स्थापित यह मेला स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को मंच देने के लिए शुरू किया गया था। आज यह एशिया का सबसे बड़ा और विश्व प्रसिद्ध व्यापार मेला बन चुका है, जिसने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है।
ग्वालियर व्यापार मेले में मोटरयान कर में छूट का प्रावधान लगातार दिया जाता रहा है। अब उज्जैन का व्यापार मेला भी इसी श्रेणी में शामिल हो गया है। इन दोनों मेलों में बड़ी संख्या में वाहनों की बिक्री होती है और लोग इन अवसरों पर बड़ी तादाद में वाहन खरीदते हैं, क्योंकि मोटरयान कर में ५० प्रतिशत छूट का प्रावधान है।