ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में सुधार से व्यापार और पर्यटन को मिलेगा लाभ: ज्योतिरादित्य सिंधिया
सारांश
Key Takeaways
- ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक हुई।
- बैठक में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
- रेल संपर्क की वृद्धि से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की आवश्यकता पर चर्चा।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की दिशा में प्रतिबद्धता।
भोपाल, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस) मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को अन्य भागों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र से जोड़ने के लिए गुना के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से महत्वपूर्ण वार्ता की। इस अवसर पर सिंधिया ने बताया कि रेल संपर्क में वृद्धि से ग्वालियर-चंबल में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और पर्यटन तथा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने गुरुवार को नई दिल्ली में रेल भवन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मध्य प्रदेश के ग्वालियर, गुना और चंबल अंचल से अन्य क्षेत्रों की सीधी रेल कनेक्टिविटी और पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान चंबल क्षेत्र में प्रमुख ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव, नई ट्रेनों के संचालन, नई रेल लाइनों के निर्माण और लंबित रेल विस्तार योजनाओं को गति देने पर विचार-विमर्श किया गया। सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर रेल संपर्क न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल सेवाओं के विस्तार, दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और अवसंरचना विकास पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करना राष्ट्रीय एकता और संतुलित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सिंधिया ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के हर क्षेत्र को आधुनिक अवसंरचना से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समग्र और संतुलित विकास के जरिये ही 'विकसित भारत 2047' का संकल्प पूरा होगा, और रेल कनेक्टिविटी इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।