क्या हादी हत्याकांड के दोषियों को पकड़ने के लिए यूनुस सरकार के पास हैं 24 दिन?

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क्या हादी हत्याकांड के दोषियों को पकड़ने के लिए यूनुस सरकार के पास हैं 24 दिन?

सारांश

क्या बांग्लादेश में निर्दलीय उम्मीदवार हादी की हत्या का इंसाफ मिलेगा? इंकलाब मंच ने यूनुस सरकार को 24 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। जानिए पूरी कहानी और हादी के समर्थकों की मांगें।

मुख्य बातें

शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने राजनीतिक उथल-पुथल को जन्म दिया है।
इंकलाब मंच ने 24 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
सरकार पर हादी के समर्थकों का दबाव बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में निर्दलीय उम्मीदवार शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में अब तक इंसाफ नहीं मिला है। हादी के समर्थक और इंकलाब मंच के कार्यकर्ता यूनुस के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। इंकलाब मंच और उससे जुड़े समूहों ने बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन किए।

इंकलाब मंच ने सरकार पर दबाव डाला है कि वह हादी की हत्या का ट्रायल 24 दिनों के अंदर पूरा करे। इसके साथ ही इकबाल मंच ने तीन मांगे भी रखी हैं।

इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने रविवार रात ढाका के शाहबाग से यूनुस की अंतरिम सरकार को 24 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा, "पूरे किलिंग स्क्वॉड का ट्रायल, जिसमें किलर, मास्टरमाइंड, साथी, भागने में मदद करने वाले और पनाह देने वाले शामिल हैं, अगले 24 दिनों में पूरा होना चाहिए।"

इसके अलावा, इंकलाब मंच ने सरकार के सामने तीन मांगों को रखा है। हादी के समर्थकों की मांग है कि बांग्लादेश में रहने वाले भारतीयों का वर्क परमिट सस्पेंड किया जाए। जाबेर ने कहा, "बांग्लादेश की आजादी और संप्रभुता की रक्षा के लिए, भारतीयों के वर्क परमिट सस्पेंड कर देने चाहिए।"

उनकी मांग है कि अगर भारत दोषी शरणार्थियों को वापस भेजने से मना करता है, तो उसके खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में केस किया जाए और सिविल और मिलिट्री इंटेलिजेंस में फासीवादियों के सहयोगियों की पहचान की जाए।

इंकलाब मंच के कार्यकर्ता, समर्थकों और उससे जुड़े समूहों ने बांग्लादेश में अलग-अलग जगहों पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान नाकाबंदी की। कई इलाकों में आवाजाही ठप हो गई थी। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ढाका में शाहबाग, चटगांव, राजशाही, गाजीपुर, बारिशाल और कुमिला में मुख्य हाईवे और चौराहों पर एक साथ नाकाबंदी की। चटगांव में, बकालिया पुलिस स्टेशन के तहत नोतुन ब्रिज चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर लिया। इसकी वजह से दोपहर 2:00 बजे से आवाजाही ठप हो गई थी।

इस नाकाबंदी का असर शहर के सबसे जरूरी ट्रांसपोर्ट हब पर भी देखने को मिला, जो दक्षिणी चटगांव, कॉक्स बाजार और बंदरबन को जोड़ता है। अपनी शर्तों और अल्टीमेटम के साथ जाबेर ने दिन के नाकाबंदी कार्यक्रम के खत्म होने की घोषणा की। इंकलाब मंच के नेता बुरहान नोमान ने मीडिया को इसकी जानकारी दी।

इससे पहले इकबाल मंच ने यूनुस सरकार पर हादी की हत्या करवाने का आरोप लगाया था। मंच ने कहा था कि यूनुस सरकार बांग्लादेश में चुनाव में देरी करवाना चाहती है, इसलिए हादी की हत्या करवाई गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और न्याय के लिए संघर्ष का प्रतीक है। हादी की हत्या ने न केवल उसके समर्थकों को बल्कि समस्त बांग्लादेश की जनता को जगा दिया है। सरकार को चाहिए कि वह इस मामले में गंभीरता से आगे बढ़े।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हादी की हत्या का मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला न केवल एक निर्दलीय उम्मीदवार की हत्या को दर्शाता है, बल्कि बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता पर भी सवाल उठाता है।
इंकलाब मंच ने क्या मांगें रखी हैं?
इंकलाब मंच ने 24 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा करने और भारतीयों के वर्क परमिट सस्पेंड करने की मांग की है।
क्या यूनुस सरकार पर आरोप सही हैं?
इस मुद्दे पर अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इंकलाब मंच का आरोप गंभीर है।
राष्ट्र प्रेस
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