क्या हमीरपुर में बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया?

सारांश
Key Takeaways
- हमीरपुर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है।
- दर्जनों संपर्क मार्ग बंद हैं।
- जिला प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
- शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है।
- लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
हमीरपुर, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिसने जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है। भारी बरसात के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है। कई स्थानों पर कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
बड़सर उपमंडल के शुक्कर खड्ड में एक व्यक्ति तेज बहाव में फंस गया है, जिसे सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चालू किया है। उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह ने बताया कि मौके पर राहत दल उपस्थित हैं और सुंदरनगर से एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच चुकी है, जो बचाव कार्य में जुटी है। प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि व्यक्ति को जल्द ही सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।
भारी बारिश के कारण हमीरपुर के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। हालाँकि, इस बीच शिक्षा सचिव के आदेश को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। आदेश में कहा गया था कि आपदा की स्थिति में केवल बच्चों को ही छुट्टी दी जाएगी, जबकि स्कूल स्टाफ को उपस्थित होना अनिवार्य है।
इस मामले में उपायुक्त अमरजीत सिंह ने शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसे हालात में केवल बच्चों को नहीं बल्कि शिक्षकों और अन्य स्टाफ को भी अवकाश दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में अधिकांश महिलाएं कार्यरत हैं, जिन्हें ऐसी परिस्थितियों में स्कूल पहुंचने में कठिनाई होती है। उपायुक्त ने सचिवालय से इस आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही उपायुक्त ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे बारिश के दौरान अव्यवस्थित यात्रा से बचें और नदियों-खड्डों के किनारे न जाएं। जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।