गंगा एक्सप्रेसवे पर थार पलटी, हापुड़ में चार युवकों की मौत; एक किशोर घायल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में 31 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि गंगा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार युवकों की मौत हो गई और एक 17 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। बदायूं से दिल्ली की ओर जा रही तेज़ रफ़्तार थार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार पाँचों लोग हादसे का शिकार हो गए।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना थाना सिंभावली क्षेत्र में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हुई। बदायूं से दिल्ली की ओर जा रही थार प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही थी। अचानक वाहन डगमगाया और बेकाबू होकर पलट गया। थार करीब 5 से 6 बार पलटते हुए सड़क किनारे जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार युवक अंदर ही फँस गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और पाँचों घायलों को सिखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान सभी बदायूं निवासी जोगिंदर, सुखबीर, जसवंत और रवि के रूप में हुई है। 17 वर्षीय एक किशोर का उपचार जारी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मृतकों के परिजनों को सूचित किया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त थार को गंगा एक्सप्रेसवे से हटाकर यातायात बहाल करा दिया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जाँच जारी है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर भी हादसा
उसी रात ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक अलग दुर्घटना में चार और लोगों की मौत हो गई। नोएडा से आगरा की ओर जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर और रेलिंग को तोड़ते हुए दूसरी दिशा में पहुँच गया और वहाँ आ रही एक कार से टकरा गया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि कार में सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जेवर थाना पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आगे क्या
दोनों हादसों के बाद उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पुलिस दोनों मामलों में जाँच जारी रखे हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे पर अत्यधिक गति पर नियंत्रण के लिए तकनीकी निगरानी को और सख्त किए जाने की ज़रूरत है।