रंगिया NH-27 पर भीषण हादसा: नींद में डूबे ड्राइवर की गाड़ी पेड़ से टकराई, दो युवकों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
असम के रंगिया में नेशनल हाईवे-27 पर मंगलवार, 11 अगस्त की तड़के एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बाला बोंगगांव के पास हुए इस हादसे में कथित तौर पर ड्राइवर को नींद आने से गाड़ी का नियंत्रण छूट गया और वह सड़क किनारे खड़े एक पेड़ से जा टकराई।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान बोंगईगांव निवासी निहार डे (21 वर्ष) और देबब्रत कुंडू (21 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों युवक गुवाहाटी की ओर जा रहे थे, जब यह हादसा हुआ।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
रंगिया ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर भाबेश कलिता के अनुसार, तेज़ रफ़्तार कार का संतुलन बिगड़ा और वह पेड़ से इतनी ज़ोर से टकराई कि पूरी तरह चकनाचूर हो गई। स्थानीय लोगों ने कार के दरवाज़े तोड़कर दोनों युवकों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही रंगिया पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और शवों को बरामद कर गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस दुर्घटना के सटीक कारणों की जाँच कर रही है।
महाराष्ट्र में भी एक और दर्दनाक हादसा
उसी दिन महाराष्ट्र के सतारा जिले में पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर शिरवल की सीमा में सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि के करीब एक तेज़ रफ़्तार कार को ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में चार युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों में वेदांत अर्जुन वारिंगे (19), सोनलिंग धीरेंद्र ठाकुर (19), आदित्य बालासाहेब गरुड़ (19) और निखिल बालू राउत (20) शामिल हैं। सभी मावल तालुका के कामशेत और तालेगांव दाभाड़े इलाकों के रहने वाले थे और एक नेक्सन कार में सवार थे। घायलों में दीक्षित दयानंद पुजारी (20) और मयूर हनुमंत शिंदे (20) का अस्पताल में उपचार जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
शिरवल पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह ऐसे समय में आया है जब रात के समय हाईवे पर तेज़ रफ़्तार और नींद में गाड़ी चलाने से होने वाले हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
आगे क्या
दोनों राज्यों में पुलिस दुर्घटनाओं के सटीक कारणों और संभावित लापरवाही की जाँच कर रही है। विशेषज्ञ लंबे हाईवे पर रात की यात्रा के दौरान ड्राइवरों की थकान और नींद को बड़े खतरे के रूप में चिह्नित करते रहे हैं।